Rahim ke dohe कहि रहीम संपति सगे, बनत बहुत बहु रीत।

Rahim ke dohe in Hindi:

कहि रहीम संपति सगे, बनत बहुत बहु रीत।
बिपति कसौटी जे कसे, ते ही सांचे मीत।।

Kahi Rahim sampati sage, banat banat bahu reet
Bipati kasoutee je kasai, ye hee sanche meet

रहीम के दोहे का अर्थ:

सच्चा मित्र कौन है? वही, जो समय वह आवश्यकता पड़ने पर काम आए, सुख के तो कई साथी होते हैं, किंतु सच्चा साथी दुख का साथी होता है।

रहीम कहते हैं कि संपत्ति व संपन्नता में अनेक लोग विभिन्न रीति नीति व छल कपट से सगे, संबंधी व मित्र बनने का दावा करते हैं, किंतु सच्चा मित्र वही होता है, जो विपत्ति की कसौटी पर खरा उतरता है। अर्थात् जो संकट व दुख में भी साथ दे उसे ही सच्चा मित्र मानना चाहिए। धन के लोभ में जुट आए सगे-संबंधी स्वार्थी होते हैं, धन के विदा होते ही वे भी विदा हो जाते हैं।

Rahim ke dohe रहीम के 25 प्रसिद्ध दोहे अर्थ व्याख्या सहित

25 Important परीक्षा में पूछे जाने वाले रहीम के दोहे :

अक्सर प्रतियोगी परीक्षाओं और विद्यालयी परीक्षाओं में रहीम के दोहे संबन्धित प्रश्न पूछे जाते हैं जिनमें मार्क्स लाना आसान होता है किन्तु सही जानकारी और अभ्यास के अभाव में अक्सर विद्यार्थी रहीम के दोहों के प्रश्न में अंक लाने में कठिनाई अनुभव करते हैं। हमने प्रतियोगी परीक्षाओं में पूछे जाने वाले रहीम के दोहों को अर्थ एवं व्याख्या सहित संग्रहीत किया है जिनका अभ्यास करके आप पूर्ण अंक प्राप्त कर सकते हैं।

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