Rahim ke dohe कौन बड़ाई जलधि मिलि, गंग नाम भो धीम।

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Rahim ke dohe in Hindi:

कौन बड़ाई जलधि मिलि, गंग नाम भो धीम।
केहि की प्रभुता नहिं घटी, पर घर गये रहीम।।

Kaun badhaai jaladhi mili, gang naam bhee dheem,
Kehi kee prabhuta nahin ghati, par ghar gaye rahim

रहीम के दोहे का अर्थ:

पराये घर में अतिथि के रूप में अधिक दिन रहने से आदर-सम्मान घट जाता है। ऐसे लोग जो अकारण घर में डेरा जमा लेते हैं, उन्हें अपमान भी सहना पड़ता है।

प्रस्तुत दोहे में रहीम इस बात का वर्णन करते हुए कहते हैं, गंगा का बहुत सम्मान है। उसकी पवित्रता अक्षुण्ण है। लेकिन सागर में जाकर मिल जाने से उसे कुछ हासिल नहीं होता। सागर के खारे जल में अपनी पावनता तिरोहित करके वह कोई सम्मान नहीं पाती। सच तो यह है कि पराये घर में शरण लेने से महिमा अवश्य घट जाती है। कोई ऐसा नहीं जिसका सम्मान ऐसे में सुरक्षित रह सके।

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Rahim ke dohe रहीम के 25 प्रसिद्ध दोहे अर्थ व्याख्या सहित

25 Important परीक्षा में पूछे जाने वाले रहीम के दोहे :

अक्सर प्रतियोगी परीक्षाओं और विद्यालयी परीक्षाओं में रहीम के दोहे संबन्धित प्रश्न पूछे जाते हैं जिनमें मार्क्स लाना आसान होता है किन्तु सही जानकारी और अभ्यास के अभाव में अक्सर विद्यार्थी रहीम के दोहों के प्रश्न में अंक लाने में कठिनाई अनुभव करते हैं। हमने प्रतियोगी परीक्षाओं में पूछे जाने वाले रहीम के दोहों को अर्थ एवं व्याख्या सहित संग्रहीत किया है जिनका अभ्यास करके आप पूर्ण अंक प्राप्त कर सकते हैं।

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