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Rahim ke dohe ओछो को सतसंग, रहिमन तजहु अंगार ज्यों।

Rahim ke dohe in Hindi:

ओछो को सतसंग, रहिमन तजहु अंगार ज्यों।
तातो जारै अंग, सीरो पै कारो करै।।

Ochho ko satsang, Rahiman tajahu angaar jyon
Taato jaarai ang, seero pai kaaro karai

रहीम के दोहे का अर्थ:

मन, वचन व कर्म से जो हेय होते हैं, उनके सान्निध्य से रहीम ने दूर रहने का परामर्श दिया है। उनका कथन है कि ओछे लोगों की संगत का त्याग वैसे ही करना चाहिए जैसे अंगार का। जब वह जलता है तो उसके दाह से अंग-अंग जलता है और जब वह शीतल पड़ जाता है तो काला होकर कालिख लगा देता है।

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Rahim ke dohe रहीम के 25 प्रसिद्ध दोहे अर्थ व्याख्या सहित

25 Important परीक्षा में पूछे जाने वाले रहीम के दोहे :

अक्सर प्रतियोगी परीक्षाओं और विद्यालयी परीक्षाओं में रहीम के दोहे संबन्धित प्रश्न पूछे जाते हैं जिनमें मार्क्स लाना आसान होता है किन्तु सही जानकारी और अभ्यास के अभाव में अक्सर विद्यार्थी रहीम के दोहों के प्रश्न में अंक लाने में कठिनाई अनुभव करते हैं। हमने प्रतियोगी परीक्षाओं में पूछे जाने वाले रहीम के दोहों को अर्थ एवं व्याख्या सहित संग्रहीत किया है जिनका अभ्यास करके आप पूर्ण अंक प्राप्त कर सकते हैं।

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