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Rahim ke dohe पुरूष पूजें देवरा, तिय पूजें रघुनाथ।

Rahim ke dohe in Hindi:

पुरूष पूजें देवरा, तिय पूजें रघुनाथ।
कहि रहीम दोउन बने, पंड़ो बैल को साथ।।

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Purush poojen devra, tiy poojen raghunath
Kahi rahim doun bane, pando bail ko sath

रहीम के दोहे का अर्थ:

रहीम ने इस दोहे में गृहस्थी में सुंतलन बनाए रखने का आग्रह किया है। यह नितांत सत्य है कि असंतुलित गृहस्थी कभी सुचारू रूप से नहीं चल सकती। इसमें सबसे बड़ा योगदान होता है पति पत्नी का। पति पत्नी गृहस्थी रूपी गाड़ी के दो पहिए होते हैं। इनके पारस्परिक कामों और विचारों में सामंजस्य नहीं हुआ तो गृहस्थी की गाड़ी ठप्प पड़ जाती है।

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रहीम कहते हैं, पति पत्नी को कभी विपरीत दिशाओं में नहीं चलना चाहिए। यदि मनोवांछित सिद्धियां पाने के लिए पुरूष भूत प्रेतों को पूजे और स्त्री रघुनाथ राम को तो यह विपरीत वैचारिकता बड़ी घातक सिद्ध होती है। इस प्रकार दोनों भैंस व बैल का जोड़ा बनते हैं, जो गृहस्थी की गाड़ी को अपने गंतव्य तक पहुंचाने में असमर्थ होते हैं।

Rahim ke dohe रहीम के 25 प्रसिद्ध दोहे अर्थ व्याख्या सहित

25 Important परीक्षा में पूछे जाने वाले रहीम के दोहे :

अक्सर प्रतियोगी परीक्षाओं और विद्यालयी परीक्षाओं में रहीम के दोहे संबन्धित प्रश्न पूछे जाते हैं जिनमें मार्क्स लाना आसान होता है किन्तु सही जानकारी और अभ्यास के अभाव में अक्सर विद्यार्थी रहीम के दोहों के प्रश्न में अंक लाने में कठिनाई अनुभव करते हैं। हमने प्रतियोगी परीक्षाओं में पूछे जाने वाले रहीम के दोहों को अर्थ एवं व्याख्या सहित संग्रहीत किया है जिनका अभ्यास करके आप पूर्ण अंक प्राप्त कर सकते हैं।

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