Advertisement

Rahim ke dohe in Hindi:

रहिमन गली है सांकरी, दूजो ना ठहराहिं।
आपु अहै तो हरि नहीं, हरि तो आपुन नाहिं।।

Rahiman gali hai sankari, dujo na thahrahin
Aapu ahai to hari nahin, hari to aapun nahin

रहीम के दोहे का अर्थ:

भक्ति की महिमा अपरम्पार है। यदि एकाग्रभाव से भक्ति की जाए तो अपना अस्तित्व मिट जाता है और व्यक्ति को चतुर्दिक केवल भगवान ही दृष्टिगोचर होता है। किंतु यदि भक्ति में एकाग्रता और परिपूर्णता नहीं है तो भगवान को लोप हो जाता है और व्यक्ति को सिर्फ ‘मैं’ की अनुभूति होती है, जो अहंकार का प्रादुर्भाव करती है।

रहीम कहते हैं, भक्ति की गली अत्यंत संकरी है, इसमें दो का एकसाथ चल पाना असंभव है। कोई यह चाहे कि वह और भगवान दोनों साथ गली में चलें तो यह कल्पना थोथी साबित होगी और मूर्त नहीं हो सकेगी। यदि व्यक्ति के अंतर में ‘मैं’ का लोप हो चुका है तो गली में उसे हरि के अपनी ओर आते हुए दर्शन होते हैं।

Advertisement

Rahim ke dohe रहीम के 25 प्रसिद्ध दोहे अर्थ व्याख्या सहित

25 Important परीक्षा में पूछे जाने वाले रहीम के दोहे :

अक्सर प्रतियोगी परीक्षाओं और विद्यालयी परीक्षाओं में रहीम के दोहे संबन्धित प्रश्न पूछे जाते हैं जिनमें मार्क्स लाना आसान होता है किन्तु सही जानकारी और अभ्यास के अभाव में अक्सर विद्यार्थी रहीम के दोहों के प्रश्न में अंक लाने में कठिनाई अनुभव करते हैं। हमने प्रतियोगी परीक्षाओं में पूछे जाने वाले रहीम के दोहों को अर्थ एवं व्याख्या सहित संग्रहीत किया है जिनका अभ्यास करके आप पूर्ण अंक प्राप्त कर सकते हैं।

Advertisement

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here