Rahim ke dohe रहिमन तब तक ठाहरय, मानः मान सम्मान

Rahim ke dohe in Hindi:

रहिमन तब तक ठाहरय, मानः मान सम्मान।
घटन मान देखिय जाबहि। तुरतहि करिय पयान।।

Rahiman tab tak thaahry, maanah maan smmaan,
ghtan maan dekhiy jaabhi. turthi kriy pyaan.

रहीम के दोहे का अर्थ:

मनुष्य जिए तो मान-सम्मान से, वरना उसका जीवन व्यर्थ है। यदि लोगों  की आंखों में मनुष्य के लिए आदर व विश्वास है तो उसे अपना जीवन सार्थक व उल्लासमय प्रतीत होता है। लोगों का निरादर सहते हुए जीवन व्यतीत करना अपनी ही दृष्टि में ही गिर जाना है। ऐसा जीवन जीने योग्य नहीं होता।

रहीम कहते हैं कि जब तक आप दान देने में समर्थ है, समाज में आपका मान-सम्मान बना हुआ है, बेहतर यही है कि तभी तक जीना चाहिए। जब प्रतीत हो कि आपका मान घट रहा है तो तुरंत ही प्रयाण ( गमन) की तैयारी में जुट जाना चाहिए। अर्थात इहलोक के कर्त्तव्य की इतिश्री कर ली, अब मोह-माया का त्यागकर परलोक की सुध लेनी है।

रहीम के 25 प्रसिद्ध दोहे अर्थ व्याख्या सहित

25 Important परीक्षा में पूछे जाने वाले रहीम के दोहे :

अक्सर प्रतियोगी परीक्षाओं और विद्यालयी परीक्षाओं में रहीम के दोहे संबन्धित प्रश्न पूछे जाते हैं जिनमें मार्क्स लाना आसान होता है किन्तु सही जानकारी और अभ्यास के अभाव में अक्सर विद्यार्थी रहीम के दोहों के प्रश्न में अंक लाने में कठिनाई अनुभव करते हैं। हमने प्रतियोगी परीक्षाओं में पूछे जाने वाले रहीम के दोहों को अर्थ एवं व्याख्या सहित संग्रहीत किया है जिनका अभ्यास करके आप पूर्ण अंक प्राप्त कर सकते हैं।

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