निर्भया काण्ड और राहुल गाँधी- एक सच जिसे आज तक कोई नहीं जान पाया.

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कांग्रेस के अध्यक्ष राहुल गाँधी के बारे में आम लोगों को बहुत कम ही पता है. आज हम आपको जो बात बताने जा रहे हैं उसे शायाद आपने कभी नहीं सुनी होगी.

आपको दिल्ली में हुआ निर्भया गैंग रेप याद है? इस काण्ड के बाद हुए आन्दोलन ने दिल्ली में कांग्रेस की सरकार की नींवें हिला दी थी. परन्तु इस काण्ड के बाद राहुल गाँधी ने बिना किसी को बताये निर्भय के भाई को पायलट की ट्रेनिंग दिलवाई ताकि उसका पायलट बनने का सपना साकार हो सके.

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rahul helped nirbhaya family
अंग्रेजी अखबार SundayTimes में छपी खबर

और यदि आपको लगता है कि यह एक फर्जी स्टोरी है तो आप फिर से गलत हैं क्यूंकि इस कहानी को सबसे पहले SundayTimes ने प्रकाशित किया है जिसकी स्थापना भाजपा मंत्री MJ अकबर ने की थी.

खबर के अनुसार 2012 में घटना के समय निर्भया का 19 वर्षीय भाई जो 12वि कक्षा में पढता था उसे राहुल गाँधी ने पायलट ट्रेनिंग के लिए इंदिरा गाँधी राष्ट्रीय उड़ान अकादमी, रायबरेली में दाखिला दिलवाया.

आपको बता दें की निर्भया के दो छोटे भाई थे उनमें से बड़े वाले भाई की पायलट की ट्रेनिंग पूरी होगई है और अब वह नौकरी की तलाश में है जबकि छोटे भाई की पढाई पुणे के एक इंजीनियरिंग कॉलेज में हो रही है जिसका खर्चा परिवार खुद उठाता है.

rahul gandhi nirbhaya case

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गाँधी ने इस पूरे प्रकरण को गुप्त रूप से अंजाम दिया तथा अधिकारीयों को भी निर्देश थे कि इस बारे में मीडिया या किसी को न बताया जाय.

निर्भया की माता आशा देवी ने इस बार का खुलासा करते हुए बताया कि राहुल गाँधी ने उनके बड़े बेटे के एडमिशन तथा पढाई में काफी मदद की है. उन्होंने व्यक्तिगत रूप से मेरे बड़े बेटे की पढाई और ट्रेनिंग में मदद की है.

aasha devi nirbhaya mother

इसके अलावा निर्भया के पिता B.N सिंह जो कि इंदिरा गाँधी एअरपोर्ट पर एक प्राइवेट कंपनी में नौकरी करते थे उन्हें भी एक स्थायी नौकरी दिलवाने में राहुल गाँधी ने मदद की. वर्तमान में वह टर्मिनल 3 में पोस्टेड हैं.

निर्भया के पिता की भी की मदद

निर्भया की मां ने मीडिया को बताया “पहले अस्थायी नौकरी के दौरान भागदौड़ करनी होती थी जिससे निर्भया के पिता की तबियत खराब होती जा रही थी इसलिए उन्हें टर्मिनल-3 में स्थायी नौकरी दी गयी जो कि डेस्क जॉब है और इससे उनका सेहत भी सामान्य रहने लगा है.”

aasha devi

उन्होंने आगे कहा कि देशवासियों ने मुश्किल की घडी में हमारे परिवार का साथ दिया. तथा न्याय की लडाई में हमारे साथ खड़े हुए परन्तु आज अबतक इस देश में कुछ नहीं बदला है. आज भी महिलाएं सडकों पर असुरक्षित हैं. सरकार और प्रशासन को इसपर कड़े कदम उठाने की जरूरत है.

तो दोस्तों क्या आपको यह बात पता थी? यदि नहीं तो फिर शेयर कीजिये इस खबर को और बताइये दूसरों को भी.

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