बच्चों की मौत के बाद जागा योगी प्रशासन, ऑक्सीजन सप्लायर के यहां छापा

Advertisement

उत्तरप्रदेश के गोरखपुर में ऑक्सीजन की कमी से 30 बच्चों की मौत हो जाने के बाद अब गाज गिरनी तय है परन्तु प्रशासन ने अस्पताल पर कार्यवाही करने के बजाये ऑक्सीजन सप्लाई करने वाले को दबोचने का मन बनाया है.

gorakhpur kids died

रिपोर्ट्स के अनुसार गोरखपुर पुलिस ने ऑक्सीजन सप्लाई करने वाले पुष्पा सेल्स प्राइवेट लिमिटेड के मालिक मनीष भंडारी के सभी रिश्तेदारों के यहां छापा मारा है. कहा जा रहा है कि मनीष भंडारी पुलिस के रवैये से डरा हुआ है तथा अभी फरार है. पुलिस के बड़े अधिकारी उसकी तलाश कर रहे हैं

Advertisement

[irp posts=”11970″ name=”आप बच्चों की मौत का बेवजह मुद्दा क्यों बना रहे, यहाँ वन्दे मातरम पर डिबेट चल रही है.”]

हालाँकि इससे पहले पुष्पा सेल्स के एक कर्मचारी ने बयान दे कर कहा था कि ऑक्सीजन की सप्लाई इसलिए बंद की गयी थी क्युकी अस्पताल प्रशासन ने बकाया राशि का भुगतान नहीं किया था. शर्तों के अनुसार ऑक्सीजन वेंडर 10 लाख से अधिक राशि की सप्लाई नहीं करेगा परन्तु अस्पताल प्रशासन पर कुल 70 लाख रूपए का बकाया था जिसका भुगतान बार बार बोलने के बाद भी नहीं किया गया था और अंततः सप्लाई रोक दी गयी.

मेडिकल कॉलेज में इस दौरान लिक्विड ऑक्सिजन की आपूर्ति बाधित थी और ऑक्सिजन सिलिंडरों के जरिए किसी तरह काम चलाया जा रहा था। आशंका है कि कई मौतें ऑक्सिजन की कमी के चलते हुई

अस्पताल प्रशासन को पहले ही दे दी थी चेतावनी

pushpa sales

ऑक्सिजन आपूर्ति करने वाली फर्म पुष्पा सेल्स की ओर से दीपांकर शर्मा ने एक अगस्त को ही मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य को पत्र लिखकर बकाया 63.65 लाख रु. का भुगतान न होने के कारण सप्लाई बाधित होने की चेतावनी दी थी। पत्र में लिखा था कि बकाया भुगतान न होने की स्थिति में वह गैस की सप्लाई नहीं कर पाएंगे और इसकी जिम्मेदारी संस्था की होगी।

Advertisement
learn ms excel in hindi

[irp posts=”11966″ name=”योगी के गोरखपुर में पिछले 5 दिनों में 60 मौतें, पर इस लापरवाही का जिम्मेदार कौन?”]

हालाँकि विपक्षी दलों के नेताओं ने आरोप लगाया है कि योगी प्रशासन दोषियों को बचाने में लगा हुआ है. दोषी अस्पताल अधिकारीयों को पकड़ने के बजाय निर्दोष ऑक्सीजन सप्लायर पर कार्यवाही की जा रही है. जो कि समझ से परे है.

Advertisement