रावण संहिता में मिलता है छुपे खजाने को ढूंढने का राज

Ravan Sanhita Mein Milta Hai Chupe Khazane Ko Dhundne Ka Raaz

ऐसा कहा जाता है कि सौरमंडल के जिन ग्रहों से मनुष्य भयभीत रहता है, वही ग्रह रावण की इच्छानुसार कार्य करते थे।  रावण के कहने पर वे अपनी दिशा, दशा और बैठकी बदल लेते थे। रावण ने अपने ज्ञान को रावण संहिता में वर्णित किया है, जो आज भी सामान्य मनुष्य की परेशानियों का हल करने में संक्षम है।

वास्तविक जीवन में छिपे हुए खजाने को कैसे हासिल किया जाए इसका उपाय रावण ने अपनी रावण संहिता में स्पष्ट बताया है। महापंडित रावण ने कुछ ऐसे संकेतों का जिक्र किया है जिन्हें पहचानकर व्यक्ति गुप्त धन का भी पता लगा सकता है।Ravan Sanhita Mein Milta Hai Chupe Khazane Ko Dhundne Ka Raaz

रावण संहिता के अनुसार प्राचीन समय का खजाना जहां भी गड़ा होगा वहां अत्याधिक मात्रा में सांपों का आना-जाना लगा रहता है। उस खजाने की रक्षा स्वयं नागों द्वारा की जाती है।

जिस स्थान पर बहुत पुराने हीरे-जवाहरात सोना-चांदी और बहुमूल्य आभूषण गड़े होते हैं वहां सफेद नाग पाए जाते हैं।

अगर कोई व्यक्ति अपने सपने में कमल का फूल देखता है तो ये इस बात का संकेत है कि निकट भविष्य में उसे खजाना या बहुत ज्यादा धन हाथ लगने वाला है।

रावण संहिता के अनुसार अगर स्वप्न में इन्द्र धनुष और कमल का फूल एक साथ दिखाई दे तो यह ऐसे व्यक्ति के हाथ कुबेर का खजाना लगने वाला होता है। कुछ ही समय में उसके ऊपर धन की वर्षा होने वाली है।

अगर आप अपने सपने में स्वयं को कमल के पत्ते पर भोजन करते हुए देखते हैं तो यह इस ओर संकेत करता है कि आपको छिपा हुआ धन मिलने वाला है और आपके बुरे दिन जाने वाले हैं।

अगर स्वप्न में शंख, कलश, सोना या सोने से बने आभूषण एक साथ दिखें तो ऐसे व्यक्ति को अकस्मात रूप से धन की प्राप्ति होने वाली होती है।