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नई दिल्ली. आज दिल्ली में हुआ 67वा गणतंत्र दिवस समारोह कई मायनों में अनोखा था। राजपथ पर हुए मुख्य कार्यक्रम में इस बार फ्रांस के प्रेसिडेंट फ्रांस्वा ओलांद चीफ गेस्ट थे। रिपब्लिक डे परेड के दौरान मोदी पीले रंग के लंबे साफे में नजर आए। उन्होंने बंद गले का लाइट ब्राउन सूट पहना था। इससे पहले 2014 और 2015 की 15 अगस्त को भी उन्होंने साफा पहना था। आपको बताते हैं कि क्या क्या रही इस गणतंत्र दिवस की विशेषतायें!

republic day celebrated in Delhi narendra Modi stylish attire
किसी विदेशी सैन्य दलने पहली बार लिया परेड में भाग, दी तिरंगे को सलामी

आज राजपथ पर 7 लेयर सिक्युरिटी कवर के साथ देश के इतिहास में पहली बार फ्रांस की आर्मी यूनिट परेड में शामिल हुई। यह फ्रांस की 35वीं इन्फैंट्री रेजिमेंट का ग्रुप था। फ्रेंच आर्मी के बैंड ने भी परेड में हिस्सा लिया। दरअसल, फ्रांस ने 2009 में भारत को सम्मान देते हुए अपनी परेड में इंडियन आर्मी की मराठा लाइट इन्फ्रैंट्री को मौका दिया था। इसलिए भारत ने भी इस बार फ्रांस को न्योता दिया।

गणतंत्र दिवस की परेड की अवधि घटी, मात्र ९० मिनट में हो गई परेड ख़त्म

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रिपब्लिक डे के मौके पर टेररिस्ट हमले के खतरे को देखते हुए ऑफिशियल प्रोग्राम की टाइमिंग में कटौती की गई। पारंपरिक रूप से यह समारोह 115 मिनट का होता है। इस बार इसकी टाइमिंग में 25 मिनट की कटौती की गई है।

एडवांस लाइट हेलिकॉप्टर ध्रुव को पहली बार किया परेड में शामिल

इंडिया में ही डिजाइन और डेवलप किया एडवांस लाइट हेलिकॉप्टर रुद्र पहली बार रिपब्लिक डे परेड में शामिल हुआ। इंडियन आर्मी इस हेलिकॉप्टर को फरवरी 2013 से यूज कर रही है। 2016 में इसे पहली बार राजपथ पर होने वाली परेड में शामिल किया गया।

पहली बार बनी गिलास की छत विदेशी मेहमानों को बारिश से बचाने के लिए

2015 में रिपब्लिक डे पर अमेरिकी प्रेसिडेंट बराक ओबामा चीफ गेस्ट थे। उस समय सुबह के दौरान हुई हल्की बारिश से परेड में शामिल हुए फॉरेन गेस्ट को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा था। इस बार भी बारिश की संभावना को देखते हुए विदेशी मेहमानों को ग्लास रूफ पर वाले शेड में बिठाया गया था।

पहली बार निकली सेना के तीनों अंगों के पूर्व सैनिकों की झांकी

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वन रैंक वन पेंशन लागू करने के बाद इस बार पहली वेटरन सैनिकों की झांकी भी राजपथ पर दिखाई दी। अबतक सिर्फ इंडियन आर्मी के पूर्व सैनिक ही परेड में मार्च करते थे। इस बार तीनों सेनाओं के पूर्व सैनिकों का सम्मान करती हुई झांकी परेड में शामिल की गई।

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