सब प्राणियों के मत्त मनोमयूर अहा नचा रहा में कौनसा अलंकार है?

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सब प्राणियों के मत्त मनोमयूर अहा नचा रहा में कौनसा अलंकार है?

सब प्राणियों के मत्त मनोमयूर अहा नचा रहा में कौनसा अलंकार है? उदाहरण सहित स्पष्ट कीजिये।

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सब प्राणियों के मत्त मनोमयूर अहा नचा रहा में रूपक अलंकार है। प्रस्तुत पंक्तियों में यह कहा गया है कि सब प्राणियों को मत्त कर मन रूपी मोर सबको नाच रहा है। इस पंक्ति में मन पर मोर का आरोप किया गया है इसलिए रुपक अलंकार का प्रयोग है.

दूसरे शब्दों में कहें तो यह कहा जा सकता है कि मन और मोर पर सादृश्य के कारण उपमेय पर उपमान को आरोपित किया गया है।

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इस उदाहरण में जहां जहां पर उपमेय और उपमान आए हैं, वो हमने विद्यार्थियों की सहायता के लिए नीचे लिख दिये हैं:-

उपमेय- उपमान

मन – मोर

जहां किन्हीं दो व्यक्ति या वस्तुओं में इतनी समानता हो कि दोनों में अंतर करना मुश्किल हो जाए वहां रूपक अलंकार होता है।

अथवा जहां उपमेय उपमान का रूप धारण कर ले वहां रूपक अलंकार होता है। रूपक अलंकार अर्थालंकार का एक प्रकार है।

सब प्राणियों के मत्त मनोमयूर अहा नचा रहा में रूपक अलंकार से संबन्धित प्रश्न परीक्षा में कई प्रकार से पूछे जाते हैं। जैसे कि – यहाँ पर कौन सा अलंकार है? दी गई पंक्तियों में कौन सा अलंकार है? दिया गया पद्यान्श कौन से अलंकार का उदाहरण है? पद्यांश की पंक्ति में कौन-कौन सा अलंकार है, आदि।

सब प्राणियों के मत्त मनोमयूर अहा नचा रहा पंक्तियों में रूपक अलंकार के अलावा और कौन सा अलंकार उपस्थित है?

मन-मयूर में म की आवृति के कारण अनुप्रास अलंकार की उपस्थिति है।

Important Alankar in Hindi अलंकार के उदाहरण एवं हिन्दी अलंकार पर प्रश्न जो परीक्षा में पूछे जा सकते हैं।

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