साहिर लुधियानवी Shayari in Hindi ये हुस्न तेरा ये इश्क़ मेरा

Advertisement

Sahir Ludhianvi shayari – Ye Husn Tera Ye Ishq Mera

ये हुस्न तेरा ये इश्क़ मेरा
रंगीन तो है बदनाम सही
मुझ पर तो कई इल्ज़ाम लगे
तुझ पर भी कोई इल्ज़ाम सही

इस रात की निखरी रंगत को
कुछ और निखर जाने दे ज़रा
नज़रों को बहक जाने दे ज़रा
ज़ुल्फ़ों को बिखर जाने दे ज़रा
कुछ देर की ही तस्कीन सही
कुछ देर का ही आराम सही

Advertisement

जज़्बात की कलियाँ चुनना है
और प्यार का तोहफ़ा देना है
लोगों की निगाहें कुछ भी कहें
लोगों से हमें क्या लेना है
ये ख़ास त’अल्लुक़ आपस का
दुनिया की नज़र में आम सही

Advertisement

रुसवाई के डर से घबरा कर
हम तर्क-ए-वफ़ा कब करते हैं
जिस दिल को बसा लें पहलू में
उस दिल को जुदा कब करते हैं
जो हश्र हुआ है लाखों का
अपना भी वही अंजाम सही

Advertisement
youtube shorts kya hai

ये हुस्न तेरा ये इश्क़ मेरा
रंगीन तो है बदनाम सही
मुझ पर तो कई इल्ज़ाम लगे
तुझ पर भी कोई इल्ज़ाम सही

साहिर लुधियानवी की शायरी – चंद बेहतरीन शेर

Sahir Ludhianvi Poetry – Ye Husn Tera Ye Ishq Mera

Ye Husn Tera Ye Ishq Mera
rangiin to hai badanaam sahii
mujh par to kaii iljaam lage
tujh par bhii koii iljaam sahii

Advertisement

is raat kii nikharii rangat ko
kuchh aur nikhar jaane de jraa
najron ko bahak jaane de jraa
julfon ko bikhar jaane de jraa
kuchh der kii hii taskiin sahii
kuchh der kaa hii aaraam sahii

jajbaat kii kaliyaan chunanaa hai
aur pyaar kaa tohafaa denaa hai
logon kii nigaahen kuchh bhii kahen
logon se hamen kyaa lenaa hai
ye khaas t’alluk aapas kaa
duniyaa kii najr men aam sahii

rusavaaii ke dar se ghabaraa kar
ham tark-e-vafaa kab karate hain
jis dil ko basaa len pahaloo men
us dil ko judaa kab karate hain
jo hashr huaa hai laakhon kaa
apanaa bhii vahii anjaam sahii

ye husn teraa ye ishk meraa
rangiin to hai badanaam sahii
mujh par to kaii iljaam lage
tujh par bhii koii iljaam sahii

Sahir Ludhianvi– Ye Husn Teraa Ye Ishk Meraa (in Urdu)

یے ہُسْنَ تیرا یے اِشْقَ میرا
رَںگِینَ تو ہَے بَدَنامَ سَہِی
مُجھَ پَرَ تو کاِی اِلْزامَ لَگے
تُجھَ پَرَ بھِی کوئی اِلْزامَ سَہِی

اِسَ راتَ کِی نِکھَرِی رَںگَتَ کو
کُچھَ اَورَ نِکھَرَ جانے دے زَرا
نَزَروں کو بَہَکَ جانے دے زَرا
زُلْفوں کو بِکھَرَ جانے دے زَرا
کُچھَ دیرَ کِی ہِی تَسْکِینَ سَہِی
کُچھَ دیرَ کا ہِی آرامَ سَہِی

جَزْباتَ کِی کَلِیاں چُنَنا ہَے
اَورَ پْیارَ کا توہَفا دینا ہَے
لوگوں کِی نِگاہیں کُچھَ بھِی کَہیں
لوگوں سے ہَمیں کْیا لینا ہَے
یے خاسَ تَ’اَلُّقَ آپَسَ کا
دُنِیا کِی نَزَرَ میں آمَ سَہِی

رُسَوائی کے ڈَرَ سے گھَبَرا کَرَ
ہَمَ تَرْکَ-اے-وَفا کَبَ کَرَتے ہَیں
جِسَ دِلَ کو بَسا لیں پَہَلُو میں
اُسَ دِلَ کو جُدا کَبَ کَرَتے ہَیں
جو ہَشْرَ ہُءآ ہَے لاکھوں کا
اَپَنا بھِی وَہِی اَںجامَ سَہِی

یے ہُسْنَ تیرا یے اِشْقَ میرا
رَںگِینَ تو ہَے بَدَنامَ سَہِی
مُجھَ پَرَ تو کاِی اِلْزامَ لَگے
تُجھَ پَرَ بھِی کوئی اِلْزامَ سَہِی

Sahir Ludhianvi– Ye Husn Teraa Ye Ishk Meraa (in Punjabi)

ਯੇ ਹੁਸ੍ਨ ਤੇਰਾ ਯੇ ਇਸ਼੍ਕ ਮੇਰਾ
ਰੰਗੀਨ ਤੋ ਹੈ ਬਦਨਾਮ ਸਹੀ
ਮੁਝ ਪਰ ਤੋ ਕਈ ਇਲ੍ਜਾਮ ਲਗੇ
ਤੁਝ ਪਰ ਭੀ ਕੋਈ ਇਲ੍ਜਾਮ ਸਹੀ

ਇਸ ਰਾਤ ਕੀ ਨਿਖਰੀ ਰੰਗਤ ਕੋ
ਕੁਛ ਔਰ ਨਿਖਰ ਜਾਨੇ ਦੇ ਜਰਾ
ਨਜਰੋੰ ਕੋ ਬਹਕ ਜਾਨੇ ਦੇ ਜਰਾ
ਜੁਲ੍ਫੋੰ ਕੋ ਬਿਖਰ ਜਾਨੇ ਦੇ ਜਰਾ
ਕੁਛ ਦੇਰ ਕੀ ਹੀ ਤਸ੍ਕੀਨ ਸਹੀ
ਕੁਛ ਦੇਰ ਕਾ ਹੀ ਆਰਾਮ ਸਹੀ

ਜਜ੍ਬਾਤ ਕੀ ਕਲਿਯਾ ਚੁਨਨਾ ਹੈ
ਔਰ ਪ੍ਯਾਰ ਕਾ ਤੋਹਫਾ ਦੇਨਾ ਹੈ
ਲੋਗੋੰ ਕੀ ਨਿਗਾਹੇੰ ਕੁਛ ਭੀ ਕਹੇੰ
ਲੋਗੋੰ ਸੇ ਹਮੇੰ ਕ੍ਯਾ ਲੇਨਾ ਹੈ
ਯੇ ਖਾਸ ਤ’ਅਲ੍ਲੁਕ ਆਪਸ ਕਾ
ਦੁਨਿਯਾ ਕੀ ਨਜਰ ਮੇੰ ਆਮ ਸਹੀ

ਰੁਸਵਾਈ ਕੇ ਡਰ ਸੇ ਘਬਰਾ ਕਰ
ਹਮ ਤਰ੍ਕ-ਏ-ਵਫਾ ਕਬ ਕਰਤੇ ਹੈੰ
ਜਿਸ ਦਿਲ ਕੋ ਬਸਾ ਲੇੰ ਪਹਲੂ ਮੇੰ
ਉਸ ਦਿਲ ਕੋ ਜੁਦਾ ਕਬ ਕਰਤੇ ਹੈੰ
ਜੋ ਹਸ਼੍ਰ ਹੁਆ ਹੈ ਲਾਖੋੰ ਕਾ
ਅਪਨਾ ਭੀ ਵਹੀ ਅੰਜਾਮ ਸਹੀ

ਯੇ ਹੁਸ੍ਨ ਤੇਰਾ ਯੇ ਇਸ਼੍ਕ ਮੇਰਾ
ਰੰਗੀਨ ਤੋ ਹੈ ਬਦਨਾਮ ਸਹੀ
ਮੁਝ ਪਰ ਤੋ ਕਈ ਇਲ੍ਜਾਮ ਲਗੇ
ਤੁਝ ਪਰ ਭੀ ਕੋਈ ਇਲ੍ਜਾਮ ਸਹੀ

Sahir Ludhianvi shayari, Sahir Ludhianvi quotes in hindi, Sahir Ludhianvi poems, motivational shayari of Sahir Ludhianvi, Sahir Ludhianvi motivational poem, Sahir Ludhianvi muktak, Sahir Ludhianvi ki ghazal

Advertisement