स्कूलों में भगवत गीता हो अनिवार्य, मोदी सरकार लाएगी संसद में विधेयक

नई दिल्ली: संसद के अगले सत्र में भारतीय जनता पार्टी की मोदी सरकार स्कूलों में भगवत गीता पढ़ाना अनिवार्य विधेयक चर्चा में ला सकती है| भारतीय जनता पार्टी के दिल्ली से सांसद रमेश विधूड़ी इस विधेयक को संसद में रख चुके है| अगले सत्र में इस बिल पर चर्चा होना स्वाभाविक है|

स्कूलों में भगवत गीता हो अनिवार्य

सांसद रमेश विधूड़ी के अनुसार गीता के उच्च विचार और शिक्षा युवाओ के व्यक्तित्व को बेहतर बनाने में सहायक होंगे| इस बिल का नाम कम्पलसरी टीचिंग ऑफ़ भगवत गीता एज मोरल एजुकेशन टेक्स बुक इन एजुकेशन बिल-2016 रखा गया है| रमेश विधूड़ी ने कहा केवल अल्पसंख्यक स्कूलों को छोड़कर भारत के सभी शिक्षा संस्थानों में इसे पढ़ाना अनिवार्य किया जाना चाहिए| इससे युवाओ में उच्च विचार के साथ-साथ ज्ञान का संचार होगा| साथ ही उन्होंने सरकार से कहा कि अगर कोई स्कूल इस बिल को नहीं मानता, तो सरकार को तुरंत उस स्कूल की मान्यता रद्द कर देनी चाहिए|

भगवत गीता देगी युवाओ को बेहतर शिक्षा

रमेश विधूड़ी ने कहा इस तरह के महाकाव्य की अनदेखी करना सही नहीं है| इस काव्य में युवाओ के लिए अपर ज्ञान मौजूद है| गीता में प्रबंधन और नेतृत्व सम्बन्धी कई विषय है| इन विषयो से युवाओ के बेहतर विकास में सहायता मिलेगी| उन्होंने कहा अब सही समय है गीता प्रसार करने के लिए| हम सबको पूरी ईमानदारी के साथ इसके प्रचार-प्रसार में आगे आना चाहिए| इस बिल को लागू करने के लिए सरकार को 5000 करोड़ रूपए की राशि की व्यवस्था करनी होगी| इस विधेयक के लिए संसद में अनुशंसा कर दी गई है| संसद के अगले सत्र में इस पेशा किया जायेगा| मेरा मानना है कि किसी को भी किसी प्रकार कि इसमें परेशानी नहीं होनी चाहिए – रमेश विधूड़ी ने पत्रकारों को बताया|