शरीर के लिए कैल्शियम कितना ज़रूरी है.

जिस तरह हमे अन्य खनिजों की ज़रूरत होती हैं .उसी तरह कैल्शियम भी हमारे शरीर के लिए बहुत जरूरी है. इसकी कमी से कई बीमारियां हो सकती हैं.हड्डियों के निर्माण में विटामिन के साथ-साथ कैल्शियम भी जरूरी होता है.

हमारे शरीर मे  हड्डियों की समस्‍या, मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द की समस्‍या कैल्शियम की कमी से होती है.हर उम्र के हिसाब से हमारे शरीर को कैल्शियम की ज़रूरत होती हैं 90 प्रतिशत कैल्शियम हड्डियों और दांतों में पाया जाता है।कैल्शियम का सबसे बढ़िया स्त्रोत हैं दूध और इससे निर्मित उत्पाद.

रोजाना हमे भोजन में पर्याप्त मात्रा में कैल्शियम युक्त आहार जरूर लेना चाहिए. शरीर के साथ साथ दिमाग के लिए भी कैल्शियम ज़रूरी हैं. जिन पोषक तत्वों से मानव शरीर की रचना होती है, कैल्शियम उसका महत्वपूर्ण घटक हैं.

कार्बन, हाइड्रोजन और नाइट्रोजन के बाद शरीर में कैल्शियम की मात्रा सबसे अधिक होती है. कुछ मात्रा हमारे खून में भी होती है. इसके अलावा दिमाग के सेरेब्रोस्पाइनल फ्लूइड में व स्तन ग्रंथियों से स्रावित दूध में भी कैल्शियम पाया जाता हैं.

कैल्शियम से न सिर्फ हड्डियां मजबूत होती हैं, कैल्शियम की सही मात्रा हमे रक्तचाप, डायबिटीज और कैंसर के खतरों से भी बचता है। यह नर्वस सिस्टम के माध्यम से हमारी मांसपेशियों को गतिशील बनाने में सहायक होता है.

खून में निश्चित मात्रा में घुला कैल्शियम हमारी  कोशिकाओं के हर पल सक्रिय रहने के लिए ज़रूरी हैं. गर्भावस्था के दौरान भी गर्भवती स्त्रियों को कैल्शियम युक्त पदार्थो का भरपूर सेवन करना चाहिए. इस दौरान महिलाओं को कैल्शियम के सप्‍लीमेंट भी लेने चाहिए.

बच्चो के साथ साथ टीनएजर्स के समुचित शारीरिक विकास के लिए उन्हें भी अधिक कैल्शियम की जरूरत होती है।जब बच्चों को पर्याप्त मात्रा में दूध और उससे बनी चीजें देनी चाहिए.

मेनोपॉज की अवस्था मे स्त्रियों को 1500 मिग्रा कैल्शियम की आवश्यकता होती है।हमारे शरीर की 30 साल की उम्र तक हड्डियां पूरी तरह विकसित हो जाती हैं, कैल्शियम की जरूरत तब भी होती है.

40 वर्ष की उम्र के बाद  हड्डियां कमजोर हो जाती हैं और ऑस्टियोपोरोसिस होने का खतरा बढ़ जाता है. इसलिए रोजाना के खानपान में पर्याप्त मात्रा में कैल्शियम युक्त चीजें जरूर शामिल करें.नियमित एक्सरसाइज भी आपके लिए फायदेमंद है.

बच्‍चे (1-3 साल) को 500 मिग्रा कैल्शियम रोज चाहिए.4-8 साल के बच्‍चे को 800 मिग्रा कैल्शियम, 9-18 साल तक 1300 मिग्रा कैल्शियम, 19-50 साल 1000 मिग्रा और 51 साल के बाद 1200 मिग्रा रोजाना कैल्शियम का सेवन करना चाहिए.

दूध और उससे बनी चीजों जैसे – दही, पनीर में कैल्शियम भरपूर मात्रा में पाया जाता है. औसतन एक गिलास दूध में 300 मिलीग्राम कैल्शियम होता है.सफेद रंग के सभी फलों और सब्जियों जैसे – केला, नारियल, शरीफा, अमरूद, गोभी और मूली आदि में पर्याप्त मात्रा में कैल्शियम पाया जाता है.

भोजन के माध्यम से हम जितना कैल्शियम लेते है, उसमें से केवल 30 प्रतिशत ही मेटाबॉल्जिम के माध्यम से हमें मिलता है। बाकि  कैल्शियम उत्सर्जन की प्रक्रिया द्वारा शरीर से बाहर निकल जाता है.

हमारे शरीर में कैल्शियम के अवशोषण और उसके पाचन के लिए फास्फोरस और विटामिन डी की भी आवश्यकता होती है.लेकिन हड्डियों के लिए विटमिन डी बहुत जरूरी है. इसकी प्राप्ति के लिए प्रतिदिन सूरज की रोशनी में थोड़ा वक्त जरूर बिताएं.

बिना डॉक्टर की सलाह लिए कैल्शियम की गोलियों का सेवन न करें, क्योंकि यह सेहत के लिए नुकसानदेह भी हो सकता है.