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Shubh kam se pahle nariyal kyon fodte hain?

नारियल ऊपर से जितना कठोर होता है, अंदर से उतना ही मुलायम। नारियल को श्रीफल भी कहा जाता है। पूजा में हम भगवान को श्रीफल अर्पित करते हैं। हिन्दु धर्म में हर कार्य शुभ मुहूर्त्त देखकर किया जाता है। साथ ही मुहूर्त्त के समय नारियल फोड़ना और दीपक जलाना हमारी परंपरा है। लेकिन किसी भी कार्य का शुभारम्भ करने से पहले नारियल फोड़ना जरूरी क्यों होता है?
दरअसल, इसका कारण अनिष्ट शक्तियों के संचार पर अंकुश लगाना होता है। इसलिए पहले नारियल फोड़कर स्थान देवता का आवाहन कर उनके वहां की स्थानीय अनिष्ट शक्तियों को नियंत्रित करने की प्रार्थना की जाती है। प्रार्थना द्वारा स्थान देवता के आवाहन से उनकी कृपा स्वरूप नारियल – जल के माध्यम से स्थान देवता की तरंगें सभी दिशाओं में फैलती हैं। इससे कार्यस्थल में प्रवेश करने वाली कष्टदायी स्पंदनों की गति पर अंकुश लगाना संभव होता है। माना जाता है इससे उस परिसर में स्थान – देवता की सूक्ष्म – तरंगों का मंडल तैयार होता है व समारोह निर्विघ्न संपन्न होता है।

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