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Sone (swarn) ka gum (kho) jana shubh kyon nahin hota?

सोना एक ऐसी धातु है, जिसे लेकर प्राचीन समय से ही मनुष्यों में विशेष आकर्षण रहा है। सोने को बहुमूल्य धातु माना गया है। सोने का पीला रंग और उसकी चमक बरबस सभी को अपनी तरफ आकर्षित कर लेती है। लेकिन महिलाओं का सोने के प्रति विशेष लगाव होता है।
सोना खरीदने के लिए भी हमारे यहां मुहूर्त्त देखा जाता है। सोना खरीदने हेतु सबसे उत्तम मुहूर्त्त अक्षय तृतीया एवं धनतेरस होते हैं। माना जाता है कि इससे घर में लक्ष्मी का स्थायी निवास होता है। लेकिन सिर्फ यही नहीं हमारे यहां सोने के बारे में एक और मान्यता प्रचलित है। वह यह कि कहीं सोना मिलना या सोना गुम होना ज्योतिष के अनुसार एक अच्छा शकुन नहीं माना गया है। दरअसल, ज्योतिष के अनुसार गुरू ग्रह का रंग पीला होता है। इसी कारण सोना वह धातु है, जिस पर गुरू का प्रभाव माना जाता है। गुरू को परिवार का कारक माना गया है। सोना खोने नाराज हो जाने यानी रूठ जाने पर पारिवारिक कलह का सामना करना पड़ता है। साथ ही दाम्पत्य सुख से भी कमी आती है। अगर किसी को सोना मिलता है और वह जब तक घर में रखा होता है, तब तक परिवार का कोई सदस्य बीमार रहता है या घर में हमेशा कलह बना रहता है। यदि किसी को सोना मिलता है तो उस सोने को बेचकर उसका कुछ भाग दान कर देने से उसका अशुभ प्रभाव खत्म हो जाता है।

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