सपत्नीक में कौन सा समास है? सपत्नीक का समास-विग्रह क्या है?

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Spatnik mein kaun sa samas hai? Spatnik ka samas-vigrah kya hota hai?

सपत्नीक में कौन सा समास है?
अव्ययीभाव समास – सपत्नीक शब्द में अव्ययीभाव समास है।
Spatnik mein kaun sa Samas hota hai?
Avyavibhav Samas – Spatnik shabd mein Avyavibhav Samas hai.

सपत्नीक का समास-विग्रह क्या है? Spatnik ka Samas-Vigrah kya hai?

सपत्नीक शब्द का समास-विग्रह निम्नानुसार होगा :

समास (समस्त पद) समास-विग्रह
सपत्नीक : पत्नी के साथ
Spatnik : Patni ke saath

क्योंकि सपत्नीक में अव्ययीभाव समास है इसलिए हमने विद्यार्थियों की सहायता के लिए अव्ययीभाव समास की परिभाषा, भेद और उदाहरण को यहाँ पर संक्षेप में समझाया है। अगर विद्यार्थी अव्ययीभाव समास को विस्तार से पढ़ना चाहें तो नीचे दिये गए लिंक (अव्ययीभाव समास की परिभाषा – ) पर जा कर पढ़ सकते हैं।

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अव्ययीभाव समास की परिभाषा –

अव्ययीभाव समास-[ सूत्र-पूर्वपद प्रधान: अव्ययीभाव: ]-इस समास में पहला या पूर्वपद अव्यय होता है और दूसरा पद संज्ञा होता है। प्रथम पद अर्थात अवयव प्रधान होता है। अव्यय के संयोग से समस्तपद भी अव्यय बन जाता है। इस प्रकार बने समस्त अवयव पद का प्रारूप लिंग, वचन, कारक, में नहीं बदलता है वो हमेशा एक जैसा रहता है। उपसर्ग युक्त पद भी अव्ययीभाव समास माना जाता है।

अव्ययीभाव समास के उदाहरण –

अव्ययीभाव समास के उदाहरण-प्रतिदिन-इसमें पूर्व पद “प्रति” अव्यय है। इसका विग्रह “ प्रत्येक दिन “ होगा। अव्ययीभाव समास के विग्रह के लिये सामासिक पद के अर्थ का प्रयोग करते है। अव्यवीभाव समास के अन्य उदाहरण नीचे दिये गए हैं:

समास (समस्त पद) – समास-विग्रह
यथारूचि – रूचि के अनुसार
यथानियम – नियम के अनुसार
निर्भय – भय रहित
एकाएक – अचानक
धड़ाधड़ – धड़-धड़ की आवाज
अनुकूल – मन के अनुसार
अभूतपूर्व – जो पहले नहीं हुआ
निर्विवाद – बिना विवाद के
यथाकाम – इच्छानुसार
यथासंभव – संभावना के अनुसार

समास की परिभाषा :

समास का तात्पर्य होता है-‘संक्षिप्तीकरण’ और इसका शाब्दिक अर्थ होता है छोटा रूप। अथार्त जब दो या दो से अधिक शब्दों से मिलकर जो नया और छोटा शब्द बनता है उस शब्द को समास (Samas) कहते हैं। समास रचना में दो पद होते हैं। प्रथम पद को ‘पूर्वपद ‘ कहा जाता है और द्वितीय पद को ‘उत्तरपद ‘ कहा जाता है। इन दोनों से जो नया शब्द बनता है वो”समस्त पद” या” सामासिक शब्द” कहलाता है।

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समास-विग्रह क्या होता है?

जब समस्त पद के सभी पद अलग-अलग किये जाते हैं उसे समास-विग्रह (Samas Vigrah) कहते हैं। समास-विग्रह सामासिक पद के शब्दों के मध्य संबंध को स्पष्ट करने के लिए किया जाता है।

परीक्षा में सपत्नीक समस्त पद को लेकर कई प्रकार से प्रश्न पूछा जा सकता है जैसे कि सपत्नीक में कौन सा समास है? सपत्नीक शब्द में कौन सा समास होगा? सपत्नीक में कौन सा समास होता है? सपत्नीक में कौन सा समास है बताइये सपत्नीक का समास विग्रह बताइए सपत्नीक का समास विग्रह क्या है? सपत्नीक का समास विग्रह क्या होगा? आदि।

समास – परिभाषा, भेद, उदाहरण, समास-विग्रह

समास अभ्यास प्रश्न (Samas Worksheet)

कौन सा समास है?
चारपाई में कौन सा समास है
आत्मविश्वास में कौन सा समास है
महाराजा में कौन सा समास है
वातावरण में कौन सा समास है
हिमालय में कौन सा समास है
घुड़सवार में कौन सा समास है
भूखंड में कौन सा समास है
हिमालय का समास विग्रह
महावीर का समास विग्रह
दशानन का समास विग्रह
दहीबड़ा का समास विग्रह
देवासुर का समास विग्रह कीजिए
गुणहीन का समास विग्रह
पर्वतारोही का समास विग्रह
धर्माधर्म का समास विग्रह

25 Important परीक्षा में पूछे जाने वाले सामासिक शब्द के उदाहरण:

सभी प्रतियोगी परीक्षाओं में समास संबंधी प्रश्न पूछे जाते हैं जिनमें मार्क्स लाना आसान होता है किन्तु सही जानकारी और अभ्यास के अभाव में अक्सर विद्यार्थी समास के प्रश्न में अंक लाने में कठिनाई अनुभव करते हैं। हमने प्रतियोगी परीक्षाओं में पूछे जाने वाले समास के उदाहरण और समास-विग्रह के महत्वपूर्ण सामासिक पदों का संकलन किया है जिनका अभ्यास करके आप पूर्ण अंक प्राप्त कर सकते हैं।

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