सुप्रीम कोर्ट से 2 हफ्ते बढ़ा सुब्रतो रॉय का पैरोल लेकिन सहारा ऐम्बी वैली प्रोजेक्ट हुआ जब्त

सुब्रतो रॉय के लिए सोमवार का दिन थोड़ी राहत लेकर आया जब उन्हें सहारा चिटफण्ड मामले में सुप्रीम कोर्ट ने दो हफ्ते का पैरोल बढ़ाने की मंजूरी दे दी. पहले सुब्रतो रॉय की पैरोल की अवधि ६ फरवरी को ख़त्म हो रही थी. अगर पैरोल नहीं बढ़ता तो सुब्रतो रॉय को फिर से जेल के अंदर जाना पड़ता. जेल जाने पर उन्हें फण्ड अरेंज करने में आनी वाली परेशानियां और भी बढ़ जाती.

supreme court attaches sahara aamby valleyलेकिन पैरोल की रहत के साथ ही सुब्रतो रॉय को एक बड़ा झटका भी सुप्रीम कोर्ट ने दिया है. कोर्ट ने आदेश दिया है कि जब तक बकाया पैसा सहारा ग्रुप जमा नहीं करता तब तक उसकी फ्लैगशिप ऐम्बी वैली टाउनशिप को जब्त कर लिया जाये. अदालत ने सहारा ग्रुप से कहा कि वह अपनी ऐसी संपत्तियों की सूची सौंपे, जिन पर किसी तरह का कर्ज नहीं लिया गया है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इन संपत्तियों की नीलामी कर लोगों के पैसों की वसूली की जाएगी और उसे जनता को दिया जाएगा।

अब ऐम्बी वैली प्रॉजेक्ट बकाया वसूली तक सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में होगा और वसूली के बाद समूह को सौंप दिया जाएगा। सहारा समूह ने बकाया राशि को जुलाई, 2019 तक चुकाने की बात कही, लेकिन जस्टिस दीपक मिश्रा के नेतृत्व वाली बेंच ने तेज रिकवरी के लिए ऐम्बी वैली प्रॉजेक्ट को ही जब्त करने का आदेश दिया। हालांकि, अभी यह साफ नहीं है कि पूरी एम्बी वैली अटैच की जाएगी या इसका कुछ हिस्सा। माना जाता है कि इसकी टोटल वैल्यु करीब 39000 करोड़ रुपए है।

कोर्ट इस मामले में 27 फरवरी को अगली सुनवाई करेगा। अदालत में सुनवाई के दौरान सहारा समूह ने स्वीकार किया कि उसे 14,000 करोड़ रुपये का मूलधन सेबी को चुकाने थे, जिसमें से 11,000 करोड़ रुपये उसने अब तक चुका दिए हैं।

क्या है मामला?

सहारा ग्रुप की 2 कंपनियों-सहारा इंडिया रियल एस्टेट कॉरपोरेशन लिमिटेड (SIRECL) और सहारा हाउसिंग इन्वेस्टमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (SHICL) ने रियल एस्टेट में इन्वेस्टमेंट के नाम पर 3 करोड़ से ज्यादा इन्वेस्टर्स से 17,400 करोड़ रुपए जुटाए थे। सितंबर, 2009 में सहारा प्राइम सिटी ने आईपीओ लाने के लिए सेबी के पास दस्तावेज जमा किए, जिसके बाद सेबी ने अगस्त 2010 में दोनों कंपनियों की जांच के आदेश दिए थे। कंपनियों में गड़बड़ी मिलने पर विवाद बढ़ता गया और मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया। सुप्रीम कोर्ट ने सहारा समूह की दोनों कंपनियों को निवेशकों के 36 हजार करोड़ रुपए लौटाने का आदेश दिया।