स्वर्गप्राप्त में कौन सा समास है? स्वर्गप्राप्त का समास-विग्रह क्या है?

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Swargpratpt mein kaun sa samas hai? Swargprapt ka samas-vigrah kya hota hai?

स्वर्गप्राप्त में कौन सा समास है?

तत्पुरुष समास – स्वर्गप्राप्त शब्द में तत्पुरुष समास है।
स्वर्गप्राप्त में समास का उपभेद द्वितीया तत्पुरूष ( कर्म तत्पुरूष ) समास है
Swargpratpt mein kaun sa Samas hota hai?
Tatpurush Samas – Swargpratpt shabd mein Tatpurush Samas hai.

स्वर्गप्राप्त का समास-विग्रह क्या है? Swargpratpt ka Samas-Vigrah kya hai?

स्वर्गप्राप्त शब्द का समास-विग्रह निम्नानुसार होगा :

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समास (समस्त पद) समास-विग्रह
स्वर्गप्राप्त : स्वर्ग को प्राप्त
Swargpratpt: Swarg ko prapt

क्योंकि स्वर्गप्राप्त में तत्पुरुष समास है इसलिए हमने विद्यार्थियों की सहायता के लिए तत्पुरुष समास की परिभाषा, भेद और उदाहरण को यहाँ पर संक्षेप में समझाया है। अगर विद्यार्थी तत्पुरुष समास को विस्तार से पढ़ना चाहें तो नीचे दिये गए लिंक (तत्पुरुष मास की परिभाषा – ) पर जा कर पढ़ सकते हैं।

तत्पुरुष समास की परिभाषा –

तत्पुरूष समास ‌– [ सूत्र-प्रायेण उत्तरपदार्थ प्रधानस्तत्पुरूष: ]-जिस समास में उत्तर पद के अर्थ की प्रधानता हो तथा पूर्व पद में द्वितीया से सप्तमी विभक्ति तक का लोप हो , उसे तत्पुरूष समास कहते है।

तत्पुरुष समास के उदाहरण –

द्वितीया तत्पुरूष ( कर्म तत्पुरूष ) समास के उदाहरण नीचे दिये गए हैं। विद्यार्थियों को इनका लिख लिख कर अभ्यास करना चाहिए।

समास (समस्त पद) – समास-विग्रह

जनप्रिय – जन को प्रिय
मोक्षप्राप्त – मोक्ष को प्राप्त
माखनचोर – माखन को चुरानेवाला
मनोहर – मन को अच्छा लगने वाला
घरफूँक – घर को फूँकने वाला
गृहागत – गृह को आगत
शरणागत – शरण को आगत
कुंभकार – कुंभ को बनाने वाला
रथचालक – रथ को चलने वाला
सर्वभक्षी – सब का भक्षण करने वाला

समास की परिभाषा :

समास का तात्पर्य होता है-‘संक्षिप्तीकरण’ और इसका शाब्दिक अर्थ होता है छोटा रूप। अथार्त जब दो या दो से अधिक शब्दों से मिलकर जो नया और छोटा शब्द बनता है उस शब्द को समास (Samas) कहते हैं। समास रचना में दो पद होते हैं। प्रथम पद को ‘पूर्वपद ‘ कहा जाता है और द्वितीय पद को ‘उत्तरपद ‘ कहा जाता है। इन दोनों से जो नया शब्द बनता है वो”समस्त पद” या” सामासिक शब्द” कहलाता है।

समास-विग्रह क्या होता है?

जब समस्त पद के सभी पद अलग-अलग किये जाते हैं उसे समास-विग्रह (Samas Vigrah) कहते हैं। समास-विग्रह सामासिक पद के शब्दों के मध्य संबंध को स्पष्ट करने के लिए किया जाता है।

परीक्षा में स्वर्गप्राप्त समस्त पद को लेकर कई प्रकार से प्रश्न पूछा जा सकता है जैसे कि स्वर्गप्राप्त में कौन सा समास है? स्वर्गप्राप्त शब्द में कौन सा समास होगा? स्वर्गप्राप्त में कौन सा समास होता है? स्वर्गप्राप्त में कौन सा समास है बताइये स्वर्गप्राप्त का समास विग्रह बताइए स्वर्गप्राप्त का समास विग्रह क्या है? स्वर्गप्राप्त का समास विग्रह क्या होगा? आदि।

तत्पुरुष समास की परिभाषा –

समास – परिभाषा, भेद, उदाहरण, समास-विग्रह

समास अभ्यास प्रश्न (Samas Worksheet)

सीता और राम’ विग्रह में कौन-सा समास है ?
आत्मविश्वास में कौन सा समास है
चारपाई में कौन सा समास है
दीर्घायु में कौन सा समास है
घनश्याम में कौन सा समास है ?
भूखंड में कौन सा समास है
पंकज में कौन सा समास है
स्वर्ग प्राप्त कौन सा तत्पुरुष समास है
स्वर्ग प्राप्त कौन सा तत्पुरुष समास है
सीता और राम’ विग्रह में कौन-सा समास है ?
धर्माधर्म का समास विग्रह
स्वर्ग प्राप्त कौन समास है
अन्याय का समास विग्रह
स्वर्गगत का समास विग्रह
देवासुर का समास विग्रह कीजिए
दशानन का समास विग्रह

25 Important परीक्षा में पूछे जाने वाले सामासिक शब्द के उदाहरण:

सभी प्रतियोगी परीक्षाओं में समास संबंधी प्रश्न पूछे जाते हैं जिनमें मार्क्स लाना आसान होता है किन्तु सही जानकारी और अभ्यास के अभाव में अक्सर विद्यार्थी समास के प्रश्न में अंक लाने में कठिनाई अनुभव करते हैं। हमने प्रतियोगी परीक्षाओं में पूछे जाने वाले समास के उदाहरण और समास-विग्रह के महत्वपूर्ण सामासिक पदों का संकलन किया है जिनका अभ्यास करके आप पूर्ण अंक प्राप्त कर सकते हैं।

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