अपने जीवन में केवल एक बार नहाती हैं यहां की महिलाऐं, फिर भी शरीर से आती है मनमोहक खुशबू

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ठण्ड के मौसम में आम तौर पर तो आप भी पानी से परहेज करते होंगे. किसी हफ्ते में एक दो दिन नहीं भी नहाते होंगे. लेकिन कल्पना करिए जब आपको जीवन में केवल एक बार ही नहाने मिले तो आप कैसा महसूस करेंगे.

जी हाँ दुनिया में एक ऐसा जगह है जहाँ महिलाये अपने पुरे जीवन काल में केवल एक बार ही नहाती है. वो भी अपने शादी के वक़्त और ऐसा इसलिए होता है क्योंकि उन्हें जीवन में एक बार नहाने की ही इजाजत है. वो भी अपनी शादी के वक्त. ऐसा अफ्रीका के नॉर्थ नामीबिया में होता है. नामीबिया के कुनैन प्रान्त में रहनी वाली हिम्बा की पहाड़ी महिलाओं को नहाना मना है. यहाँ तक कि इन्हे अपना हाथ भी पानी से नहीं धोने दिया जाता है. बावजूद इसके यहाँ कि महिलाओं को अफ्रीका कि सबसे खूबसूरत महिला माना जाता है.

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इस तरीके से रखती हैं अपने शरीर को साफ़

यहाँ की महिलाएं खुद को साफ़ रखने के लिए एक ख़ास तरीका अपनाती हैं. इन्हें पानी से नहाना मना है इस लिए ये खुद को साफ़ रखने के लिए एक ख़ास किस्म के जड़ी-बूटी का इस्तेमाल करती हैं. इन जड़ी-बूटियों को पानी में उबाल कर उसके भाफ़ से ये अपने शरीर को स्वक्ष रखती हैं. ताकि वो शरीर में पैदा होने वाली बदबू से खुद को बचा सकें. इस नुस्खे के कारण ना नहाने के बावजूद भी इनके शरीर से खुशबू अाते रहती है.

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लोशन के जगह करती हैं चर्बी का इस्तेमाल

आमतौर पर लोग शरीर की नमी को बरकरार रखने के लिए बॉडी लोशन या मोस्चराइज़र का इस्तेमाल करते है. लेकिन यहाँ की महिलाएं अपने स्किन की नमी को बरक़रार रखने के लिए एक ख़ास किस्म के चर्बी से बने लोशन का इस्तेमाल करती हैं. ये चर्बी किसी जानवर का होता है. इस तरह के लोशन को जानवरों के चर्बी और हेमाटाइट (लोहे की तरह एक खनिज तत्व) के कणों से तैयार किया जाता है. हेमाटाइट कणों की वजह से उनके त्वचा का रंग लाल हो जाता है. ये खास तरह का लोशन उन्हें कीड़ों के काटने से भी बचाता है. इनकी लाल रंग त्वचा के कारण इन महिलाओं को रेड वीमेन के नाम से भी जाना जाता है. गौरतलब है की ये महिलाएं उसी वक़्त नहाती हैं जब इनकी शादी होती है. बाकि का जीवन ये बिना नहाये ही बिताती हैं.

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पानी से दूर रहने के नियम के बावजूद यहाँ की महिलाओं को एक विशेष अधिकार दिया गया है. हिम्बा जनजाति की ख़ास बात ये है कि चाहे परिवार का मुखीया पुरुष ही क्यों ना हो लेकिन परिवार से जुड़े आर्थिक फैसले लेने का अधिकार केवल महिलाओं को ही होता है.

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