उपवास में क्यों करते हैं फलाहार? Upvas mein falahar kyon

Upvas mein falahar kyon karna chahiye?

उपवास को हिन्दू धर्म में बहुत महत्वपूर्ण माना गया है। मान्यता है कि उपवास से तन व मन दोनों की ही शुद्धि होती है। लेकिन अधिकतर लोग दो तरह के उपवास करते हैं। कुछ लोग उपवास में बिल्कुल निराहार ही रहते हैं। जबकि दूसरी तरह के उपवास में अत्यधिक वसा से युक्त भोजन ग्रहण करते हैं। जबकि हमारे ऋषि मुनि भी उपवास के समय पूरी तरह बिना आहार के नहीं रहते थे। अनुशासित दिनचर्या के साथ ही वे फलाहार ग्रहण करते थे।

Upvas mein falahar kyon karna chahiyeवे उपवास काल में ज्यादा से ज्यादा समय मौन रहते थे। इसीलिए उनकी उपवास पद्धित से मन व तन दोनों की शुद्धि होती थी व उन्हें उपवास के पूर्ण परिणाम प्राप्त होते थे। उपवास के समय पूरी तरह भूखा नहीं रहना चाहिए, क्योंकि इससे अपच, कब्ज व एसीडिटी जैसी पेट से जुड़ी अनेक परेशानियां हो सकती हैं। साथ ही बार बार इसी पद्धति से उपवास करने से पाचन तंत्र कमजोर होने के साथ ही हाइपर एसीडीटी की समस्या हो सकती है। अगर आप भी चाहते हैं कि आपको उपवास का पूरा परिणाम प्राप्त हो तो इन बातों पर जरूर ध्यान दें।

उपवास के एक या दो दिन पहले से ही भोजन पर विशेष ध्यान दें।

o यदि एक समय भोजन करें तो ज्यादा ना खाएं।
o उपवास के बीच सुबह शाम प्राणायम करना ठीक रहता है।
o उपवास काल में शारीरिक और मानसिक आराम को भी पूरी तरजीह देनी चाहिए।
o उपवास काल में मौन व्रत रखना भी अच्छा रहता है।
o स्थिति के अनुसार उपवास काल में स्पंज बाथ, मिट्टी की पट्टी, भ्रमण करना, आसन, कुंजर आदि चिकित्सा का सहारा लेना ठीक रहता है।
o नींबू-पानी, शहद या केवल दो तीन गिलास पानी पीने से ही पेट की समस्यायें मिट जाया करती है।

खाना खाकर उपवास नहीं तोड़ना चाहिए क्योंकि आँतों पर विश्राम के बाद लोड पड़ने से लाभ के बजाय हानि हो सकती है (या पेटदर्द हो सकता है)।

उपवास का मुख्य उद्देश्य आँतों (पेट) को आराम देना एवं रसना (जिव्हा) संयम के साथ-साथ आध्यात्मिक उन्नति करना है। आत्मिक लाभ के साथ ही उपवास से शारीरिक लाभ मिलते हैं। उपवास करने से आँतों को पूर्ण आराम मिलता है। निराहार रहने से शरीर में जमा वसा (ग्लाइकोजन) एवं स्टार्च का पाचन हो जाता है, जिससे मोटापा नहीं बढ़ता।

उपवास करने से शरीर में उत्पन्न होने वाले टॉक्सिन, पेशाब एवं पसीने के रूप में बाहर निकल जाते हैं। इस प्रकार उपवास के कई लाभ हैं। परंतु उपवास के नाम पर फरियाली, खिचड़ी, चिप्स आदि दिनभर खाते रहने से लाभ के बजाय हानि ही होती है। वहीं यदि उपवास सही तरीके से नहीं छोड़ा जाए तो भी शारीरिक नुकसान हो सकता है।

ऐसा नहीं है कि उपवास करना हर किसी के लिए फायदेमंद है, लेकिन हां, पूरी समझ के साथ इसे किया जाए तो इसके अनगिनत फायदे हो सकते हैं। तो बस अपने शरीर की उस खास स्थिति को पहचानें और उस दौरान खाना छोड़ दें। यही उपवास करने का सबसे अच्छा तरीका है।

उपवास के लाभ:

1. उपवास करने से हमारे शरीर की रोगों से लड़ने की शक्ति बढती है, अर्थात उपवास करने से रोग खत्म हो जाते हैं.

2. उपवास करने से हमारे पाचन तन्त्र को आराम मिलता है और पाचन तंत्र ठीक ढंग से काम करता है.

3. उपवास करने से यक्र्त की काम करने की शक्ति बढती है.

4. उपवास दवारा हमारे शरीर को प्राकृतिक रूप से रोगों से लड़ने की शक्ति मिलती है,

5. उपवास से हमारे अंदरूनी अंगो की सफाई हो जाती है.

6. उपवास करने से हमारी दिमागी शक्ति बढती है. आध्यात्मिक शक्ति का ठीक ढंग से विकास होता है.

7. उपवास करने से हमारे पूरे शरीर की थकावट दूर हो जाती है.

8. उपवास द्वारा खून का दबाव कम होता है. हम हार्ट अटैक से बचे रहते हैं.

9. शरीर में शक्ति स्फूर्ति और ताजगी का एहसास होता है.

10. उपवास हमें कई रोगों से मुक्ति दिलाता है जैसे बुखार. जोड़ों में दर्द होना, ठंड लगना, पाचन तन्त्र को ठीक ढंग से चलाता है. कब्ज, दस्त, पेट दर्द , मलेरिया आदि रोगों को दूर करता है.