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वीप्सा अलंकार (Vipsa Alankar):-

आदर, घबराहट, आश्चर्य, घृणा, रोचकता आदि प्रदर्शित करने के लिए किसी शब्द को दुहराना ही वीप्सा अलंकार है।

अलंकार वीप्सा वहाँ, जहाँ शब्द-आवृत्ति.
घृणा या कि वैराग की, दर्शित करे प्रवृत्ति

वीप्सा अलंकार का उदाहरण example of Veepsa Alankar in Hindi

मधुर-मधुर मेरे दीपक जल।

वीप्सा अलंकार – कुछ अन्य उदाहरण:

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विहग-विहग
फिर चहक उठे ये पुंज-पुंज
कल-कूजित कर उर का निकुंज
चिर सुभग-सुभग।

१–
शिव शिव शिव कहते हो यह क्या?
ऐसा फिर मत कहना.
राम राम यह बात भूलकर,
मित्र कभी मत गहना. .
२.
राम राम यह कैसी दुनिया?
कैसी तेरी माया?
जिसने पाया उसने खोया,
जिसने खोया पाया..
३.
चिता जलाकर पिता की,
हाय-हाय मैं दीन.
नहा नर्मदा में हुआ,
यादों में तल्लीन.

‘उठा लो ये दुनिया, जला दो ये दुनिया.
तुम्हारी है तुम ही सम्हालो ये दुनिया.
‘ये दुनिया अगर मिल भी जाये तो क्या है?
ये दुनिया अगर मिल भी जाये तो क्या है?’
५.
मेरे मौला, प्यारे मौला, मेरे मौला…
मेरे मौला बुला ले मदीने मुझे
मेरे मौला बुला ले मदीने मुझे

वीप्सा में शब्दों के दोहराव से घृणा या वैराग्य के भावों की सघनता दृष्टव्य है.

अलंकार की परिभाषा, भेद एवं उदाहरण


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