विषय विष से भी ज्यादा खतरनाक

Vishay (vasna) Vish (jahar) se bhi jyada khatarnak kya hai?

श्रावण मास में शिवजी के दर्शन करते समय समय एक बात और सीखने योग्य है।
शिवजी के जीवन में विलास नहीं है, सन्यास है, भोग नहीं योग है। इनके चित्त में काम नहीं राम हैं। इन्होनें कामदेव को भस्म किया है।
विषय विष से भी ज्यादा खतरनाक है। विष शरीर को मारता है, विषय आत्मा तक को प्रभावित करता है। विष खाने से केवल एक जन्म, एक शरीर नष्ट होता है पर विषय का चस्का लग जाने पर तो जन्म जन्मान्तर नष्ट हो जाते हैं।
संयम से जीवन जीने से आयु भी बढ़ती है। योग के साथ रहने से चित्त भी प्रसन्न रहता है। विषय आयु को तो नष्ट करता ही है साथ में चित्त में अशांति और पुनः प्राप्त करने की आशा भी उत्पन्न होती है। आज भी व्यक्ति और विश्व की अशांति का प्रमुख कारण विषय ही है।