विवादित टिप्पणी पर फंसे बाबा रामदेव, अरेस्ट वारंट जारी

रोहतक: बाबा रामदेव ने पिछले साल एक विवादित बयान दिया था, जिसमें उन्होंने कहा था कि मैं भारत के कानून का सम्मान करता हूँ इसलिए शांत हूँ वरना जिन लोगो को “भारत माता की जय” बोलने में अपना अपमान लगता है उनके सिर काट चुका होता |

रोहतक अदालत ने बुधवार को योग गुरु रामदेव के खिलाफ पिछले साल शहर में दी गयी अपने विवादास्पद “सिर काटने वाली ” टिप्पणी के लिए गैर-जमानती गिरफ्तारी वारंट जारी किया। रोहतक के अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट हरीश गोयल कि अदालत ने रामदेव के खिलाफ एक जमानती वारंट जारी किया था और “शांति भंग करने के इरादे से जानबूझकर अपमान के लिए” अपनी टिप्पणी के लिए उन्हें समन कर दिया था। हालांकि, रामदेव दोनों मौकों पर उपस्थित नहीं हुए जिसके बाद अदालत ने बुधवार को गिरफ्तारी वारंट जारी किया।

विवादित टिप्पणी पर फंसे बाबा रामदेव, अरेस्ट वारंट जारी

आखिर रामदेव के खिलाफ किसने शिकायत दर्ज़ कराइ थी

हरियाणा के गृह मंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता सुभाष बत्रा ने इस मामले में शिकायत दर्ज कराई है और बुधवार को अदालत में उपस्थित थे। उन्होंने कहा कि अदालत ने कहा था कि वह रामदेव के खिलाफ गैर-जमानती वारंट के आदेश का पालन करे। रामदेव को अपनी टिप्पणी के लिए बुलाया गया था जो उन्होंने 3 अप्रैल 2016 को रोहतक में एक बड़ी सभा को संबोधित करते हुए एक बयान दिया था कि वह “भारत माता की जय” न बोलने वाले का सिर काट देते अगर वो भारतीय कानून का सम्मान नहीं करते | बाबा रामदेव का कहना है कि उनके विचारों को विवादित बयान बनाकर दिखाया गया है जिसका वास्तविकता से कोई लेना देना नहीं है| मे एक भारतीय हू और अपने देश का सम्मान करता हूँ और यही मैंने उस दिन कहा था कि “भारत माता की जय ” बोलने मे हम लोगो को गर्व महसूस करना चाहिए न कि अपमान, लेकिन कुछ लोगो ने मेरे विचार को कुछ और ही बना दिया