विवाह करते समय कन्या का गुरू बल देखते समय चौथा, आठवाँ व बारहवाँ वृहस्पति क्या ग्रह हो सकता है?

Vivah karte samay kanya ka Guru bal dekhate samay chautha, Athvan aur baharavan Brahaspati kya Griha ho sakta hai?

उत्तर: सनातन धर्म की परम्परा के अनुसार कन्या की उम्र 18 वर्ष तक ही मानी गई है तथा भारतीय संविधान के अनुसार 18 वर्ष की उम्र से पहले नाबालिग का विवाह दण्डनीय अपराध माना जाता है तब तक कन्या रजस्वला हो चुकी होती है अतः गुरू बल का विचार करते समय चतुर्थ, अष्टम व बारहवाँ वृहस्पति पूज्य मानकर विवाह कर सकते हैं चौथे, आठवें व बारहवें वृहस्पति को वज्र्य न समझ कर पूज्य मान सकते हैं।