Advertisements

यथासाध्य में कौन सा समास है? यथासाध्य का समास-विग्रह क्या है?

Yathasadhya mein kaun sa samas hai? Yathasadhy ka samas-vigrah kya hota hai?

यथासाध्य में कौन सा समास है?
अव्ययीभाव समास – यथासाध्य शब्द में अव्ययीभाव समास है।
Yathasadhya mein kaun sa Samas hota hai?
Avyavibhava Samas – Yathasadhy shabd mein Avyavibhav Samas hai.

Advertisements

यथासाध्य का समास-विग्रह क्या है? Yathasadhya ka Samas-Vigrah kya hai?

यथासाध्य शब्द का समास-विग्रह निम्नानुसार होगा :

समास (समस्त पद) समास-विग्रह
यथासाध्य : जितना साधा जा सके
Yathasadhy : Jitna sadha ja sake

Advertisements

क्योंकि यथासाध्य में अव्ययीभाव समास है इसलिए हमने विद्यार्थियों की सहायता के लिए अव्ययीभाव समास की परिभाषा, भेद और उदाहरण को यहाँ पर संक्षेप में समझाया है। अगर विद्यार्थी अव्ययीभाव समास को विस्तार से पढ़ना चाहें तो नीचे दिये गए लिंक (अव्ययीभाव समास की परिभाषा – ) पर जा कर पढ़ सकते हैं।

अव्ययीभाव समास की परिभाषा –

अव्ययीभाव समास-[ सूत्र-पूर्वपद प्रधान: अव्ययीभाव: ]-इस समास में पहला या पूर्वपद अव्यय होता है और दूसरा पद संज्ञा होता है। प्रथम पद अर्थात अवयव प्रधान होता है। अव्यय के संयोग से समस्तपद भी अव्यय बन जाता है। इस प्रकार बने समस्त अवयव पद का प्रारूप लिंग, वचन, कारक, में नहीं बदलता है वो हमेशा एक जैसा रहता है। उपसर्ग युक्त पद भी अव्ययीभाव समास माना जाता है।

Advertisements

अव्ययीभाव समास के उदाहरण –

अव्ययीभाव समास के उदाहरण-प्रतिदिन-इसमें पूर्व पद “प्रति” अव्यय है। इसका विग्रह “ प्रत्येक दिन “ होगा। अव्ययीभाव समास के विग्रह के लिये सामासिक पद के अर्थ का प्रयोग करते है। अव्यवीभाव समास के अन्य उदाहरण नीचे दिये गए हैं:

समास (समस्त पद) – समास-विग्रह
यथाशक्ति – शक्ति के अनुसार
आजन्म – जन्म से लेकर
प्रत्येक – एक-एक के प्रति
यथानियम – नियम के अनुसार
यथाशीघ्र – जितना शीघ्र हो सके
निर्भय – भय रहित
सपरिवार – परिवार के साथ
अकारण – बिना कारण के
अभूतपूर्व – जो पहले नहीं हुआ
यथाकाम – इच्छानुसार

समास की परिभाषा :

समास का तात्पर्य होता है-‘संक्षिप्तीकरण’ और इसका शाब्दिक अर्थ होता है छोटा रूप। अथार्त जब दो या दो से अधिक शब्दों से मिलकर जो नया और छोटा शब्द बनता है उस शब्द को समास (Samas) कहते हैं। समास रचना में दो पद होते हैं। प्रथम पद को ‘पूर्वपद ‘ कहा जाता है और द्वितीय पद को ‘उत्तरपद ‘ कहा जाता है। इन दोनों से जो नया शब्द बनता है वो”समस्त पद” या” सामासिक शब्द” कहलाता है।

समास-विग्रह क्या होता है?

जब समस्त पद के सभी पद अलग-अलग किये जाते हैं उसे समास-विग्रह (Samas Vigrah) कहते हैं। समास-विग्रह सामासिक पद के शब्दों के मध्य संबंध को स्पष्ट करने के लिए किया जाता है।

Advertisements

परीक्षा में यथासाध्य समस्त पद को लेकर कई प्रकार से प्रश्न पूछा जा सकता है जैसे कि यथासाध्य में कौन सा समास है? यथासाध्य शब्द में कौन सा समास होगा? यथासाध्य में कौन सा समास होता है? यथासाध्य में कौन सा समास है बताइये यथासाध्य का समास विग्रह बताइए यथासाध्य का समास विग्रह क्या है? यथासाध्य का समास विग्रह क्या होगा? आदि।

समास – परिभाषा, भेद, उदाहरण, समास-विग्रह

समास अभ्यास प्रश्न (Samas Worksheet)

घुड़सवार में कौन सा समास है
सुख दुख में कौन सा समास है
पंचवटी शब्द में कौन सा समास होगा
राजभक्ति’ में कौन सा समास होगा?
कष्ट साध्य में कौन सा समास है
एकदंत में समास
ध्यानमग्न का समास विग्रह
जन्मांध में समास
ध्यानमग्न का समास विग्रह
हिमालय का समास विग्रह
रातोंरात का समास-विग्रह
शुभागमन का समास विग्रह
दशानन का समास विग्रह
एकाएक का समास विग्रह
धर्माधर्म का समास विग्रह
तन-मन-धन का समास विग्रह

25 Important परीक्षा में पूछे जाने वाले सामासिक शब्द के उदाहरण:

सभी प्रतियोगी परीक्षाओं में समास संबंधी प्रश्न पूछे जाते हैं जिनमें मार्क्स लाना आसान होता है किन्तु सही जानकारी और अभ्यास के अभाव में अक्सर विद्यार्थी समास के प्रश्न में अंक लाने में कठिनाई अनुभव करते हैं। हमने प्रतियोगी परीक्षाओं में पूछे जाने वाले समास के उदाहरण और समास-विग्रह के महत्वपूर्ण सामासिक पदों का संकलन किया है जिनका अभ्यास करके आप पूर्ण अंक प्राप्त कर सकते हैं।

Advertisements

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Advertisements