प्रेम की पहेली मुलाकात

जाने कहा गये वो दिन

जहाँ हम दोनो मिले थे

वो दिन हम नही भुलेंगे

की आपने हमसे पुछा था

ईश्क ए मिजाजी होती है

वो चाँदनी रात की मुलाकात

बडी ही अनोखी रात थी

दो आँखे ईंतजार कर रही थी

की कोन पहलें झपकाँए

जहाँ पहेली मुलाकात मे

हमारा पहेला प्यार था

ऊस दिन हमारा दिल आपके पास आया था

और तुमारा दिल हमारे पास आया था एक अँन्जाना बनके

और कब मिलेंगी वो आँखे

और कब आयेगी वो चाँदनी राँत