Advertisement

जाने कहा गये वो दिन

जहाँ हम दोनो मिले थे

वो दिन हम नही भुलेंगे

की आपने हमसे पुछा था

Advertisement

ईश्क ए मिजाजी होती है

वो चाँदनी रात की मुलाकात

बडी ही अनोखी रात थी

दो आँखे ईंतजार कर रही थी

की कोन पहलें झपकाँए

जहाँ पहेली मुलाकात मे

Advertisement

हमारा पहेला प्यार था

ऊस दिन हमारा दिल आपके पास आया था

और तुमारा दिल हमारे पास आया था एक अँन्जाना बनके

और कब मिलेंगी वो आँखे

और कब आयेगी वो चाँदनी राँत

Advertisement

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here