अपठित गद्यांश – बिना अभ्यास के सिद्धि प्राप्त नहीं होती

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Apathit Gadyansh with Answers in Hindi unseen passage

अभ्यास आत्मविश्वास बढ़ाने का सर्वोत्तम साधन है. भगवान बुद्धि सभी को देता है किंतु जो लोग अभ्यास से अपनी बुद्धि बढ़ा देते हैं पर बुद्धिमान और चतुर कहलाते हैं. जो बुद्धि से काम नहीं लेते वे मूर्ख रह जाते हैं. जिस प्रकार बिखर पड़े लोहे को भी जंग लग जाती है इस प्रकार जिस अंग से हम काम लेते हैं वह शक्तिपूर्ण बन जाता है और जिस से काम नहीं लेते वह दुर्बल रह जाता है. प्रकृति द्वारा दी गई शक्तियों का सदुपयोग करना ही अभ्यास है. इसे शक्तियों का विकास होता है.

बिना अभ्यास के सिद्धि प्राप्त नहीं होती. बिना अभ्यास के प्राप्त सिद्धि स्थिर भी नहीं रह पाती. विद्यार्थी कुछ दिनों के लिए व्याकरण को दोहराना छोड़ दे तो पढ़ा हुआ पाठ भी भूल जाता है. कभी-कभी बता रहे तो वह उसे सदा के लिए याद रहेगा. अभ्यास ही नहीं लगातार अभ्यास करना चाहिए.

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केवल शिक्षा में ही नहीं, जीवन के किसी भी क्षेत्र में सफलता प्राप्त करने के लिए अभ्यास करना अत्यंत आवश्यक है. अभ्यास शिकारी में कुशलता आती है एवं कठिनाइयां सरल हो जाती हैं. अभ्यास से समय की बचत होती है. अभ्यास से साधक के अनुभव में वृद्धि होती है, कमियां दूर हो जाती हैं और वह धीरे-धीरे पूर्णता की ओर अग्रसर होता जाता है.

  उपर्युक्त अपठित गद्यांश के आधार पर निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए –

  1. अपठित गद्यांश का उपयुक्त शीर्षक दीजिए.
  2. अभ्यास के महत्व पर प्रकाश डालें.
  3. विद्यार्थी के जीवन में अभ्यास का क्या महत्व है?
  4. अभ्यास के क्या-क्या लाभ होते हैं?

उत्तर

  1. अपठित गद्यांश का शीर्षक – जीवन में अभ्यास का महत्व
  2. अभ्यास हमारे आत्मविश्वास को बढ़ाने का बहुमूल्य साधन है. अभ्यास के माध्यम से कम बुद्धि वाला व्यक्ति भी बुद्धिमान बन जाता है और बुद्धिमान व्यक्ति विद्वान बन जाता है. प्रकृति द्वारा दी गई शक्तियों का सदुपयोग कर उनका विकास करना ही अभ्यास है. बुद्धि से काम में लेने वाले मूर्ख रह जाते हैं.
  3. अभ्यास करना विद्यार्थी के लिए अति आवश्यक है. यदि मैं कुछ भी पड़ता है और उसे लगातार दोहराता है तो फिर बोलेगा नहीं. सतत अभ्यास के बल पर ही कोई विद्यार्थी सफल हो सकता है और परीक्षा में अच्छा परिणाम ला सकता है.
  4. अभ्यास केवल विद्यार्थी के जीवन में ही नहीं, बल्कि जीवन के किसी भी क्षेत्र में सफलता पाने की एकमात्र कुंजी है. अभ्यास के द्वारा ही कार्य में कुशलता लाई जा सकती है. लगातार अभ्यास करने से समय का सही उपयोग हो सकता है और सफलता के मार्ग में आने वाली कठिनाइयों को सरल किया जा सकता है.

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