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Class 9 Vilom Shabd विलोम शब्द Kshitij Chapter wise CBSE

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Class 9 Vilom Shabd विलोम शब्द क्षितिज Chapter wise CBSE

यहाँ पर हम कक्षा 9 के विद्यार्थियों के लिए हिंदी क्षितिज पुस्तक के विभिन्न पाठों में आये हुए विलोम शब्द का अर्थ और वाक्य प्रयोग स्पष्ट कर रहे हैं ताकि छात्र परीक्षा में पूछे जाने पर इन विलोम शब्द के प्रश्न में पूर्ण अंक प्राप्त कर सकें।

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क्षितिज विलोम शब्द पाठ 1 – दो बैलों की कथा (Class 9 Vilom Shabd विलोम शब्द Chapter wise CBSE

बुद्धिहीन – बुद्धिमान

बुद्धिहीन – बैल एक बुद्धिहीन जानवर है।

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बुद्धिमान – कुटा एक बुद्धिमाम जानवर है।

निश्चय – अनिश्चय

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निश्चय – मैंने वहाँ जाने का निश्चय किया है।

अनिश्चय – इस मुद्दे पर अभी अनिश्चय की स्थिति बनी हुई है।

असंतोष – संतोष

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असंतोष – जनता में अक्षणतोष बढ़ता जा रहा है।

सन्तोष – मुझे इस बात का सन्तोष है कि तुम मेरे साथ हो।

क्रोध – शांत

क्रोध – उसे बहुत जल्दी क्रोध आता है।

शांत – हमें अपने मन को शांत रखना चाहिए।

उपयुक्त – अनुपयुक्त

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उपयुक्त – उसने उपयुक्त समय का इंतजार किया।

अनुपयुक्त – इस काम के लिए यह समय अनुपयुक्त है।

सभ्य – असभ्य

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सभ्य – यह सभ्य लोगों का काम नहीं है।

असभ्य – असभ्य लोगों के लिए किसी का अपमान करना मुश्किल हो गया है।

मूक – वाचाल

मूक – जो मूक होते है उनकी बुद्धि बहुत तेज होती है।

वाचाल – वाचाल लोगों की बातों का कोई मतलब नहीं होता।

संध्या – प्रभात

संध्या – संध्या के समय सड़क पर कोलाहल बढ़ जाती है।

प्रभात – चार बजे ही प्रभात फेरी लगनी  शुरू हो जाती है।

स्वार्थ – निस्वार्थ

स्वार्थ – आजकल सभी अपना स्वार्थ सिद्ध करना चाहते है।

निस्वार्थ – वह निस्वार्थ भाव से अपना काम करता रहता है।

विपत्ति – संपत्ति

विपत्ति – उसके जीवन में अचानक यह विपत्ति आ गई है।

संपत्ति – वह अकूत संपाती का मालिक है।

बंधन – मुक्त

बंधन – मर्यादा का बंधन उसे पीछे धकेल रहा था।

मुक्त – आज वह अपनी ओढ़ी गई गुलामी से आजाद हो गया।

कठोर – मुलायम

कठोर – कठोर जमीनपर ही रात गुजरती थी।

मुलायम – श्री कृष्ण की कृपा से वह मुलायम गद्दे पर सो रहा है।

प्रसन्न – अप्रसन्न

प्रसन्न – अपनी तारीफ सुनकर कौन प्रसन्न नही होता।

अप्रसन्न – तुमने जान बुझकर उसे अप्रसन्न कर दिया।

दुर्बलता – सबलता 

दुर्बलता – बीमारी की वजह से उसकी दुर्बलता बढ़ती जा रही है।

सबलता – छात्र जीवन में शारीरिक सबलता बहुत काम आती है।

 

क्षितिज विलोम शब्द पाठ 2 – ल्हासा की ओर (Class 9 Vilom Shabd विलोम शब्द Chapter wise CBSE

मुख्य – गौण

मुख्य – शहर के मुख्य मार्ग को आज बंद रखा गया है।

गौण – यह एक गौण कार्य है।

आबाद – बर्बाद

आबाद – महात्मा ने उसे आबाद रहने का आशीर्वाद दिया।

बर्बाद – आपने मुझे बर्बाद कर दिया।

अपरिचित – परिचित

अपरिचित – यह रास्ता मेरे लिए बिल्कुल अपरिचित है।

परिचित – एक परिचित रिश्तेदार की मृत्य हो गई है।

दूर – पास

दूर – दूर एक रोशनी दिखाई दी ।

पास – धीरे धीरे वह छाया मेरे पास आने लगी।

ऊंचाई – नीचाई

ऊंचाई – पेड़ की  डाल बहुत ऊंचाई पर है।

निचाई – पानी का श्रोत बहुत निचाई पर चला गया है।

ऊपर – नीचे

ऊपर – कप टेबल के ऊपर रखा है।

नीचे – चाय नीचे गिर गई।

स्वेत – श्याम

स्वेत – स्वेत बर्फ की चादरे दूर दूर तक फैली थी।

श्याम – श्याम सुंदर की छवि आँखों को भा रही थी।

शिखर – धरातल

शिखर – पर पँहुच कर वह सुस्ताने लगा।

धरातल – समुद्र तल की ऊंचाई धरातल थोड़ी ऊपर है।

मुश्किल – सरल

मुश्किल – यह काम अत्यंत मुश्किल है।

सरल – सरल काम भी कभी कभी देर से सम्पन्न होते है।

स्वीकार – अस्वीकार

स्वीकार – मैंने अपनी गलती स्वीकार कर ली।

अस्वीकार – उसने मेरा अनुमोदन अस्वीकार कर दिया है।

मोटा – पतला

मोटा – यह कपड़ा बहुत मोटा है।

पतला – उसका शरीर बहुत पतला है।

भीतर – बाहर

भीतर – भीतर से रोने की आवजे आ  रही थी।

बाहर – बाहर तेज शोर हो रहा था।

विदाई – अगुआई

विदाई – आज तुम्हारा विदाई समारोह है।

अगुआई – स्टेशन पर उसकी अगुआई के लिए कई लोग मौजूद थे।

 

क्षितिज विलोम शब्द पाठ 3 – उपभोक्ता वाद की संस्कृति (Class 9 Vilom Shabd विलोम शब्द Chapter wise CBSE

नया – पुराना

नया – आज कोई नया काम करेंगे

पुराना – उसका कुर्ता अब पुराना होगया है।

उत्पादन – खपत

उत्पादन – मा ग बढ़ती देख कर उत्पादन को बढ़ानाआवश्यक है।

खपत – जितनी उत्पादन होगी खपत भी उतना ही होगा।

दैनिक – वार्षिक

दैनिक – आज दैनिक अखबार आया ही नहीं है।

वार्षिक – मै वार्षिक गतिविधियों का ब्योरा रखती हूं।

दुर्गंध – सुगंध

दुर्गंध – एक अजीब सी दुर्गंध चरों ओर फैल रही थी।

सुगंध – इत्र की सुगंध बहुत अच्छी थी।

कीमती – सस्ती

कीमती – तुम्हारा वस्त्र बहुत कीमती लग रहा है।

सस्ती – उसकी घड़ी बहुत सस्ती है।

पवित्र – अपवित्र

पवित्र – गीता एक पवित्र ग्रंथ है।

अपवित्र – सुखिया के मंदिर में आने से मंदिर अपवित्र हो गया।

सुद्ध – अशुद्ध

शुद्ध – इस दुकान पर शुद्ध घी मिलता है।

अशुद्ध – पूजा का समान अशुद्ध हो गयाहै।

हास्यास्पद – घृणास्पद

हास्यास्पद – कथा का यह प्रसंग अत्यंत हास्यास्पद है।

घृणास्पद – तुम्हारा यह बर्ताव अत्यंत घृणास्पद है।

सामान्यजन – विशिष्टजन

सामान्यजन – सभा में केवल सामानीजन ही आए थे।

विशिष्टजन – कुछ विशिष्ट जनों को खासकर बुलाया गया था।

गंभीर – हल्का

गंभीर – यह बहुत गंभीर मामला है

हल्का – इस मामले को इटने हल्के में मत लो/

कड़वा – मीठा

कड़वा – चाय का स्वाद आज कड़वा लग रहा है।

मीठा – खुसखबरी सुनकर सबने उसका मुंह मीठा कराया।

आपव्यय  – मितव्यय

अपव्यय – उसे अपव्यय की आदत है।

मितव्यय – मितव्यय व्यक्ति ही सुखी होते है।

शीतल – गरम

शीतल – शीतल जल की प्याऊ लगी है।

गरम – नल का पानी बहुत गरम हो गया है।

सीमित – असीमित

सीमित – उसके पास बहुत सीमित साधन है।

असीमित – उसका धन असीमित है।

आधुनिक – पुरातन

आधुनिक – वह आधुनिक विचारों वाला आदमी है।

पुरातन – आज भी उसके विचार पुरातन पंथी है।

सामाजिक – असामाजिक

सामाजिक – यह एक सामाजिक परंपरा है।

असामाजिक – वह एक असामाजिक प्राणी है।

जीवन – मरण

जीवन – जीवन सुख और दुख का सम्मिश्रण है।

मरण – अब तुम्हारा मरण निश्चित है।

स्वस्थ – अस्वस्थ

स्वस्थ – स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मन का निवास होता है।

अस्वस्थ – इन दिनों वह अस्वस्थ चल रहा है।

 

क्षितिज विलोम शब्द पाठ 4 – साँवले सपनों की याद (Class 9 Vilom Shabd विलोम शब्द Chapter wise CBSE

मौत – जिंदगी

मौत – उसकी मौत सन्निकट है।

जिंदगी – जिंदगी बार बार नहीं मिलती।

उत्सुक – अनऔत्सुक

उत्सुक – वह कश्मीर घूमने को उत्सुक है।

अनौत्सूक – इस काम को करने के लिए वह बिल्कुल अनौत्सुक  है।

मधुर – कटु

मधुर – कानों में उसका मधुर संगीत गूंज रहा है।

कटु – कभी किसी  को कटु न बोलो ।

विश्राम – थकान

विश्राम – यह यात्री विश्राम गृह है।

थकान – थकान के कारण उसे नींद आ गई।

खाली – भरा

खाली – यह कमरा खाली है किसी को सूला दो।

भरा – भरा भरा  घरअच्छा लगता है।

सवाल – जवाब

सवाल – मेरा सवाल थोड़ा कठिन है।

जवाब – मुझे इसका जवाब मिल गया

कमजोर – मजबूत

कमजोर – उसका शरीर अभी कमजोर है।

मजबूत – उसके जैसा मजबूत कोई नहीं है।

अंतिम  – शुरू

अंतिम – यह उसका अंतिम पड़ाव है।

शुरू – अभी तो सफर की शरुआत है।

सफल – असफल

सफल – अचनक सफल होने की खबर से वह फूल न समाया।

असफल – उसका असफल होना तो अनिश्चित ही है।

एकांत – कोलाहल

एकांत – थोड़ी देर के लिए मैं अकेले रहना चाहती हूँ।

कोलाहल – बाहर का कोलाहल बढ़त ही जा रहा था।

मालिक – नौकर

मालिक – आज मालिक का गुस्सा सातवें आसमान पर था।

नौकर – नौ कर मालिक की बात से से बहुत खिन्न है।

असंभव – संभव

असंभव – यह काम तुम्हारे लिए करना असंभव है।

संभव – जहां चाह हो वहाँ कुछ भी संभव है।

मुमकिन – नामुमकिन

मुमकिन – यह मुमकिन है कि तुम वहाँ आ जाओ।

नामुमकिन – मनुष्य यदि ठान ले तो कुछ भी नामुमकींन नहीं।

जटिल – सरल

जटिल – यह एक जटिल प्रसन्न है।

सरल – किसी काम को सरल ढंग से भी कहा जाता है।

 

क्षितिज विलोम शब्द पाठ 5 – नाना साहब की पुत्री मैना (Class 9 Vilom Shabd विलोम शब्द Chapter wise CBSE

विद्रोह – दमन

विद्रोह – मजदूरों ने आज विद्रोह कर दिया।

दमन – अंग्रेजों ने आज दमन नीति से शासन किया था।

अग्नि – हवा

अग्नि – अग्नि की ज्वाला शांत हो गई।

हवा – हवा बहुत तेज चल रही थी।

पाषाण – तरल

पाषाण – देखते देखते वह स्त्री पाषाण की हो गई।

तरल – तरल पदार्थ का अपना कोई आकार नहीं होता।

रक्षा – हत्या

रक्षा – हमें अपनी रक्षा स्वयं करनी होगी।

हत्या – अनजाने ही मेरे से एक जीव  की हत्या हो गई,

दोष – निर्दोष  

दोष – इसमें कोई दोष नहीं है।  

निर्दोष – जो निर्दोष है उन्हे सजा नहीं मिलनी चाहिए।

प्रकट – गुप्त

प्रकट – अचानक वहाँ एक शेर प्रकट हुआ।

गुप्त – इस बात को गुप्त ही रखना।

प्रेम – घृणा

प्रेम – मैं तुमसे बहुत प्रेम करती हूं।

घृणा – आज के बाद मैं तुमसे केवल घृणा ही कर पाऊँगा।

प्रधान – गौण

प्रधान – आज प्रधान का चुनाव होने वाला है।

गौण – गौण लोगों को निमंत्रण नहीं मिला है।

आज्ञा – अवज्ञा

आज्ञा – मैं तुम्हारी आज्ञा मानकर ही यहाँ आया हूँ।

अवज्ञा – कई छात्र आदेशों की अवज्ञा करते है।

दया – क्रूर

दया – गरीबों पर दया करना चाहिए ।

क्रूर – वह एक क्रूर इंशान है।

सुप्रसिद्ध – बदनाम

सुप्रसिद्ध – महात्मा एक सुप्रसिद्ध व्यक्ति थे।

बदनाम – वह बहुत बदनाम हो गया है।

रात्रि – दीवा

रात्रि – रात्रि का तीसरा पहर बीत रहा था।

दिवा – दिवा स्वप्न देखने से कोई फायदा है नहीं।

देवी  – देव

देवी – मंदिर में एक देवी की सुंदर मूर्ति थी।

देव – देव को संतुष्ट करना आसान नहीं।

उज्जवल – मलिन  

उज्ज्वल – उसका चरित्र एकदम उज्ज्वल है।

मलिन – मेरा मन उसके प्रति मलिन हो गया है।

 

क्षितिज विलोम शब्द पाठ 6 – प्रेमचंद के फटे जूते (Class 9 Vilom Shabd विलोम शब्द Chapter wise CBSE

सामने – पीछे

सामने – मेरे सामने एक बड़ी सी  गाड़ी खड़ी थी।

पीछे – आज  मैं सबसे पीछे बैठा था।

लापरवाही – परवाह

लापरवाही – इतनी लापरवाही आपको महंगा पड़ेगा।

परवाह – मैं सबकी परवाह करता हूँ।

गुण – अवगुण

गुण – नम्रता ही उसके स्वभाव का सबसे बडा गुण है।

अवगुण – अपने अवगुणों को  सुधारने का प्रयास करना चाहिए।

विचित्र – सामान्य

विचित्र – यह उसकी बड़ी विचित्र आदत है।

सामन्य – यह उसकी सामन्य आदत है।

दर्द – आराम

दर्द – आज मेरे सर में दर्द है।

आराम – आज मुझे दर्द मे थोड़ा आराम है।

आग्रह – विग्रह

आग्रह – उसने साथ चलने के लिए आग्रह किया।

विग्रह – मेरा उसके साथ विग्रह हो गया है।

तीखा – मीठा

तीखा – उसके चेहरे पर एक तीखा दर्द दिखाई दे रहा था।

मीठा – उसे अपने मीठे दर्द का अहसास है।

खुशबू – बदबू

खुशबू – फूलों कि खुशबू से कमरा महक उठा।

बदबू – कमरे में बदबू फैल गई।

मूल्य – अमूल्य

मूल्य – इस वस्तु का उचित मूल्य चुकाईए।

अमूल्य – यह एक अमूल्य वस्तु है, इसकी कीमत मैं नहीं दे सकता।

सुरक्षित – असुरक्षित

सुरक्षित – यहाँ तुम्हारा समान सुरक्षित रहेगा।

असुरक्षित – रात्रि में यह इलाका असुरक्षित रहता है।

औरत – मर्द

औरत – वह औरत बहुत कठोर हृदय है।

मर्द – मर्द की आँखों से आँसू काम निकलते हैँ।

सख्त – मुलायम

सख्त – चावल अभी भी सख्त है गला नहीं।

मुलायम – उसे मुलायम बिछौने पर भी नींद नहीं आती।

अपना – पराया

अपना – यह मेरा अपना मकान है।

पराया – तुम मेरे से पराया व्यवहार मत करो।

मुक्ति – बंधन

मुक्ति – पंद्रह साल बाद आज उसे जेल से मुक्ति मिली।

बंधन – आज वह शादी के पवित्र बंधन में बंध गया।

 

क्षितिज विलोम शब्द पाठ 7 – मेरे बचपन के दिन (Class 9 Vilom Shabd विलोम शब्द Chapter wise CBSE

आकर्षण – विकर्षण

आकर्षण – उस लड़की में एक अजब आकर्षण है।

विकर्षण – कुछ लोगों का स्वभाव एक दूसरे से विकर्षण करता है।

उत्पन्न – अवसन्न

उत्पन्न – महादेवी कई पीढ़ियों बाद उत्पन्न हुईं।

अवसन्न – धीरे -धीरे कई परंपराएँ अवसन्न होती जा रहीं हैं।

प्रायः – अक्सर

प्रायः – वह प्रायः मेरे घर आता है।

अक्सर – अक्सर मै कई बातें भूल जाता हूँ।

पंडित – मूर्ख

पंडित – रामधन मिश्र एक विद्यावान पंडित थे।

मूर्ख – वह अपने गाँव का सबसे मूर्ख व्यक्ति है।

रुचि – अरुचि

रुचि – उसे पढ़ने की बहुत रुचि है।

अरुचि – उसे खाने से अरुचि हो गई है।

सवेरे – साँझ

सवेरे – वह बहुत सवेरे उठ जाता है।

साँझ – साँझ होते ही पक्षी अपने घर के ओर लौटने लगे।

आरंभ – अंत

आरंभ – कथा आरंभ होने वाली है।

अंत – कथा का अंत होने ही वाला है।

डर – साहस

डर – मुझे अब डर लगने लगा है।

साहस – वह साहस दिखाते हुए आगे बढ़ा।

मित्रता – दुश्मनी

मित्रता – राम और श्याम में गहरी  मित्रता थी।

दुश्मनी – अमन  ने अच्छी  दुश्मनी निभाई।

अवकाश – अनवकाश

अवकाश – मुझे तीन दिन का अवकाश मिल गया।

अनवकाश – यह कार्यालय का अनवकाश का समय है।

पुरस्कार – तिरस्कार

पुरस्कार – अछे काम के लिए पुरस्कार दिया जाता है।

तिरस्कार – बुरा करोगे तो तिरस्कार ही मिलेगा।

निकट – दूर

निकट – घर के निकट एक बगीचा था।

दूर – दूर ढोल बजने की आवाज आ रही थी।

 

क्षितिज विलोम शब्द पाठ 8 – एक कुत्ता और एक मैना (Class 9 Vilom Shabd विलोम शब्द Chapter wise CBSE

पुराने – नए

पुराने – वह अपने पुराने परिचित से मिलना चाह रहा है।

नए – कुछ नए लोग मोहल्ले मे आके रहने लगे है।

वृद्ध – शिशु

वृद्ध – वृद्ध व्यक्ति बहुत धीरे धीरे चल रह था।

शिशु – शिशु के रोने कि आवाज आ रही थी।

कठिनाई – सरलता

कठिनाई – बड़ी कठिनाई से उसे यह जीत हासिल हुई।

सरलता – सरलता से उन्हें हराया नहीं जा सकता था।

अधिकांश – अल्पांश

अधिकांश – अधिकांश लोग घर के भर चले गए थे।

अल्पांश – अल्पांश लोग मैदान में उपस्तिथ थे।

समय – असमय

समय – बुरा समय जल्दी ही बीत जाएगा।

असमय – वह असमय ही काल कलवित हो गया।

अस्त  – उदय

अस्त – सूर्य धीरे धीरे अस्त हो रहा है।

उदय – आज सूर्य उदय का समय देर से है।

आरोग्य – रोग

आरोग्य – आरोग्य संथान में आज बहुत भीड़ थी।

रोग – उसका रोग बढ़त जा रहा है।

स्वीकृति – अस्वीकृति

स्वीकृति – मुझे तुमसे स्वीकृति नहीं चाहिए।

अस्वीकृति – तुम्हारे अस्वीकृति से मुझे कोई मतलब नहीं है।

चेतन – जड़

चेतन – मनुष्य एक चेतन प्राणी है।

जड़ – गतिहीनता जड़ के समान है।

लोक – परलोक

लोक – लोक में अमर्त्य दुर्लभ है।

परलोक – सबको एक न एक दिन परलोक जाना ही है।

करुण – हास्य

करुण – उसकी स्तिथि पर मुझे करुण कविता याद आई।

हास्य – इस नाटक में हास्य का कोई नाम नहीं।

प्रत्यक्ष – परोक्ष

प्रत्यक्ष – वह प्रत्यक्ष मेरे सामने है।

परोक्ष – उसकी परोक्ष स्वीकृति मेरे साथ है।

समाधान – समस्या

समाधान – कोई न कोई समाधान ढूंढ ही लूँगा।

समस्या – मेरे सामने एक कठिन समस्या आ गई है।

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