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हिन्दी लोकोक्तियाँ क्लास 6, Lokoktiyan for class 6 

कक्षा 6 के विद्यार्थियों के लिए हमने कुछ प्रमुख लोकोक्तियाँ संकलित की हैं जो परीक्षा की दृष्टि से उपयोगी हैं। विद्यार्थी इन लोकोक्तियों का अभ्यास कर परीक्षा में पूर्ण अंक प्राप्त कर सकते हैं।

 क्लास 6 हिन्दी लोकोक्तियाँ  

  1. लोकोक्तिअकेला चना भाड़ नहीं फोड़ सकता
    अर्थएकता में बल है।
    वाक्य प्रयोग – इतने बड़े खेत को सींचने के लिए उसने और लोगों को भी बुलाया। क्योंकि उसे पता है कि अकेला चना भाड़ नहीं फोड़ सकता।

    2. लोकोक्तिबंदर क्या जाने अदरक का स्वाद
    अर्थअयोग्य को मूल्यवान वस्तुओं की महत्ता का पता नहीं होता।
    .वाक्य प्रयोग- तुम प्रेमचंद की कहानियों की महत्ता क्या समझोगे बंदर क्या जाने अदरक का स्वाद।

    3. लोकोक्तिअभी दिल्ली दूर है
    अर्थसफलता प्राप्त करने में देरी।
    वाक्य प्रयोग- अभी से जश्न की तैयारी अरे भाई अभी दिल्ली दूर है।

    4. लोकोक्तिनाच जाने आंगन टेढ़ा
    अर्थगुण होने पर माध्यम को दोषी बताना।
    वाक्य प्रयोग- वैसे तो रमा अपने पाक कला का बखान करती रहती है।जब उससे सब्जी बनाने को कहा गया तो तबीयत का बहाना बनाकर वहां से चलती बनीं ।तब उसे इंगित करते हुए कहा नाच न जाने आंगन टेढ़ा।

    5. लोकोक्तिएक तो करेला दूजे नीम चढ़ा
    अर्थदुर्जन मनुष्य में और दुर्गुणों का होना।
    वाक्य प्रयोग- रमेश तो वैसे ही क्रोधी था अब उसकी नौकरी और चली गई जिससे चिड़चिड़ापन और जुड़ गया। अब तो यह कहावत उसके लिए लागू होती है, एक तो करेला दूजे नीम चढ़ा।

    6. लोकोक्तिसोने पर सुहागा
    अर्थलाभ के साथ और लाभ होना।
    वाक्य प्रयोग- प्रतियोगिता परीक्षा में अव्वल तो रहा ही साथ के साथ उसकी नौकरी भी लग गई ये तो सोने पे सुहागा हो गया।

    7. लोकोक्तिसौ सुनार के एक लोहार के
    अर्थप्रभावशाली एक  तथ्य  अनेक  प्रभावहीन  तथ्यों के बराबर होती है
    वाक्य प्रयोग- तुम्हारा यह रवैया ज्यादा दिन तक नहीं चलने वाला । तुमने वह कहावत तो सुनी होगी ना सौ सुनार की एक लोहार की ।

    8. लोकोक्ति–  अब पछताए होत क्या जब चिड़िया चुग गई खेत
    अर्थसमय बीत जाने के बाद पछतावा होता है।
    वाक्य प्रयोग- पहले ध्यान दिया होता तो आज तुम्हारा परीक्षा का परिणाम कितना अच्छा हुआ होता ,पर तुमने मेरी बात नहीं मानी अब पछताए होत क्या जब चिड़िया चुग गई खेत।

    9. लोकोक्ति–  अधजल गगरी छलकत जाए
    अर्थकम ज्ञानी ज्यादा दिखावा करते हैं।
    वाक्य प्रयोग- गणित में उसे हमेशा जीरो नंबर आते हैं और गणित की प्रतियोगिता में भाग ले रहा है, अधजल गगरी छलकत जाए अधजल गगरी छलकत जाए।

    10. लोकोक्तिआसमान से गिरा खजूर पर अटका
    अर्थएक मुसीबत से छूट कर दूसरे मुसीबत में पड़ना 

वाक्य -प्रयोग – गली के मोड़ पर कुत्तों से बचने के लिए जैसे ही वह सड़क की तरफ भागा दुर्घटना का शिकार हो गया यह तो वही हो गया आसमान से गिरे और खजूर पर अटके ।

11. लोकोक्तिकंगाली में आटा गीला
अर्थअभावग्रस्त होना।
वाक्य प्रयोग- गरीब मजदूर ने जैसे-तैसे जुगाड़ कर आटा खरीदा और परंतु दुर्भाग्यवश वह आटे की थैली सड़क पर फैल गई। इसे कहते हैं कंगाली में आटा गीला।

12. लोकोक्ति खरबूजे को देखकर खरबूजा रंग बदलता है
अर्थ सामने वाले के अनुसार स्वयं में भी परिवर्तन हो जाता है।
वाक्य प्रयोग- कक्षा में यूं तो रमेश शांत बना रहता है परंतु उद्यमी बच्चों के साथ में वह भी शरारत करने लगता है, खरबूजे को देखकर खरबूजा रंग बदलता है ना।

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  1. लोकोक्तिगेहूं के साथ घुन भी पिसता है
    अर्थसंगत का असर अवश्य होता है।
    वाक्य प्रयोग -अब पुलिस वालों के ताने सुनने पड़े तो बुरा क्यों लग रहा है? मैंने कितनी बार कहा था रमेश का साथ छोड़ दो ,गेहूं के साथ घुन तो पीसता ही है ।
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