महर्षि में कौन सी संधि है? महर्षि शब्द का संधि विच्छेद महर्षि में प्रयुक्त संधि का नाम

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Maharshi mein kaun si Sandhi hai?

महर्षि में कौन सी संधि है? महर्षि शब्द का संधि विच्छेद महर्षि में प्रयुक्त संधि का नाम

महर्षि शब्द में गुण संधि है। विद्यार्थियों के लिए गुण संधि के बारे में संक्षेप में जानकारी इस प्रकार है:-

महर्षि का संधि विच्छेद क्या है?

महर्षि का संधि विच्छेद = महा + ऋषि, जिन स्वरों में संधि है = आ + ऋ= अर् (गुण)

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विद्यार्थियों के लिए गुण संधि के बारे में संक्षेप में जानकारी इस प्रकार है:-

गुण संधि की परिभाषा

जब ( अ, आ ) के साथ ( इ, ई ) हो तो ‘ ए ‘ बनता है, जब ( अ, आ )के साथ ( उ, ऊ ) हो तो ‘ ओ ‘बनता है, जब ( अ, आ ) के साथ ( ऋ ) हो तो ‘ अर ‘ बनता है। उसे गुण संधि कहते हैं।

गुण संधि के उदाहरण :-

आ + इ= ए, भारत + इंदु = भारतेन्दु
अ + इ= ए, देव + इन्द्र= देवन्द्र
अ + उ= ओ, चन्द्र + उदय= चन्द्रोदय
आ + ऋ= अर्, महा + ऋषि= महर्षि

विभिन्न परीक्षाओं में महर्षि में कौन सी संधि है आदि प्रश्न कई प्रकार से पूछे जाते हैं।जैसे कि :-

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महर्षि शब्द में कौन सी संधि है?
महर्षि का संधि विग्रह?
महर्षि में कौन सी संधि है?
महर्षि का संधि भेद कीजिये?
महर्षि संधि का नाम बताइये?
महर्षि का संधि विच्छेद?

परीक्षा में दिये गए शब्द में कौन सी संधि है अथवा संधि विच्छेद के प्रश्न सदैव स्कोरिंग होते हैं क्योंकि आपको मात्र एक-दो शब्द ही लिखने होते हैं। इसके लिए आपको लिख-लिख कर अभ्यास करते रहना चाहिए।

विभिन्न संधि की परिभाषा, भेद एवं उदाहरण की विस्तार से जानकारी के लिए निम्न पोस्ट पढ़ें :-

25 Important शब्द के संधि विच्छेद जो परीक्षा में पूछे जा सकते हैं।

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