मुख कमल समीप थे, दो किसलय दल पुरइन के में कौनसा अलंकार है?

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मुख कमल समीप थे, दो किसलय दल पुरइन के में कौनसा अलंकार है?

मुख कमल समीप थे, दो किसलय दल पुरइन के में कौनसा अलंकार है? उदाहरण सहित स्पष्ट कीजिये।

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मुख कमल समीप थे, दो किसलय दल पुरइन के में रूपक अलंकार है। प्रस्तुत पंक्तियों में कवि यह कहना चाह रहें है कि कमल रूपी मुख के समीप दो नवीन कान सुशोभित हो रहे थे। इसमें मुख को कमल का तथा कान को पत्तों का रूप दिया गया है इसलिए यहाँ रुपक अलंकार का प्रयोग हुआ है।

दूसरे शब्दों मे यह कहा जा सकता है कि मुख ओर कान को कमल और उसके दो नए पत्तों को आरोपित क्या गया है इसे ही उपमेय पर उपमान का आरोप कहतें है।

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इस उदाहरण में जहां जहां पर उपमेय और उपमान आए हैं, वो हमने विद्यार्थियों की सहायता के लिए नीचे लिख दिये हैं:-

उपमेय – उपमान

मुख- कमल

कान – पत्ते

जहां किन्हीं दो व्यक्ति या वस्तुओं में इतनी समानता हो कि दोनों में अंतर करना मुश्किल हो जाए वहां रूपक अलंकार होता है।

अथवा जहां उपमेय उपमान का रूप धारण कर ले वहां रूपक अलंकार होता है। रूपक अलंकार अर्थालंकार का एक प्रकार है।

मुख कमल समीप थे, दो किसलय दल पुरइन के में रूपक अलंकार से संबन्धित प्रश्न परीक्षा में कई प्रकार से पूछे जाते हैं। जैसे कि – यहाँ पर कौन सा अलंकार है? दी गई पंक्तियों में कौन सा अलंकार है? दिया गया पद्यान्श कौन से अलंकार का उदाहरण है? पद्यांश की पंक्ति में कौन-कौन सा अलंकार है, आदि।

मुख कमल समीप थे, दो किसलय दल पुरइन के पंक्तियों में रूपक अलंकार के अलावा और कौन सा अलंकार उपस्थित है?

ल के बार – बार प्रयोग के कारण अनुप्रास अलंकार की उपस्थिति

Important Alankar in Hindi अलंकार के उदाहरण एवं हिन्दी अलंकार पर प्रश्न जो परीक्षा में पूछे जा सकते हैं।

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