प्राण और प्रण में अंतर – श्रुतिसम भिन्नार्थक शब्द युग्म

प्राण और प्रण में क्या अंतर है – समोच्चरित भिन्नार्थक शब्द युग्म

प्राण का अर्थ – जान

प्रण का अर्थ – प्रतिज्ञा

प्राण का वाक्य प्रयोग-

यह बीमारी उसके प्राण लेकर ही जाएगी।

प्रण का वाक्य प्रयोग-

उसने विवाह न करने का भीष्म प्रण लिया है।

praan ka arth – jaan

pran ka arth – pratigya

प्राण और प्रण शब्द युग्म के बारे में विभिन्न परीक्षाओं में कई प्रकार से प्रश्न पूछे जाते हैं। जैसे –

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समोच्चरित भिन्नार्थक शब्द युग्म की विस्तार से जानकारी के लिए निम्न पोस्ट पढ़ें :-

500 श्रुतिसम भिन्नार्थक शब्द युग्म

10 Important शब्द युग्म जो परीक्षा में पूछे जा सकते हैं।

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