प्रत्यक्ष में कौन सा समास है? प्रत्यक्ष का समास-विग्रह क्या है?

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Pratyaksh mein kaun sa samas hai? Pratyaksh ka samas-vigrah kya hota hai?

प्रत्यक्ष में कौन सा समास है?
अव्ययीभाव समास – प्रत्यक्ष शब्द में अव्ययीभाव समास है।
Pratyaksh mein kaun sa Samas hota hai?
Avyavibhav Samas – Pratyaksh shabd mein Avyavibhav Samas hai.

प्रत्यक्ष का समास-विग्रह क्या है? Pratyaksh ka Samas-Vigrah kya hai?

प्रत्यक्ष शब्द का समास-विग्रह निम्नानुसार होगा :

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समास (समस्त पद) समास-विग्रह
प्रत्यक्ष : आँखों के सामने
Pratyaksh : Ankhon ke samne

क्योंकि प्रत्यक्ष में अव्ययीभाव समास है इसलिए हमने विद्यार्थियों की सहायता के लिए अव्ययीभाव समास की परिभाषा, भेद और उदाहरण को यहाँ पर संक्षेप में समझाया है। अगर विद्यार्थी अव्ययीभाव समास को विस्तार से पढ़ना चाहें तो नीचे दिये गए लिंक (अव्ययीभाव समास की परिभाषा – ) पर जा कर पढ़ सकते हैं।

अव्ययीभाव समास की परिभाषा –

अव्ययीभाव समास-[ सूत्र-पूर्वपद प्रधान: अव्ययीभाव: ]-इस समास में पहला या पूर्वपद अव्यय होता है और दूसरा पद संज्ञा होता है। प्रथम पद अर्थात अवयव प्रधान होता है। अव्यय के संयोग से समस्तपद भी अव्यय बन जाता है। इस प्रकार बने समस्त अवयव पद का प्रारूप लिंग, वचन, कारक, में नहीं बदलता है वो हमेशा एक जैसा रहता है। उपसर्ग युक्त पद भी अव्ययीभाव समास माना जाता है।

अव्ययीभाव समास के उदाहरण –

अव्ययीभाव समास के उदाहरण-प्रतिदिन-इसमें पूर्व पद “प्रति” अव्यय है। इसका विग्रह “ प्रत्येक दिन “ होगा। अव्ययीभाव समास के विग्रह के लिये सामासिक पद के अर्थ का प्रयोग करते है। अव्यवीभाव समास के अन्य उदाहरण नीचे दिये गए हैं:

समास (समस्त पद) – समास-विग्रह
निर्भय – भय रहित
सपरिवार – परिवार के साथ
निडर – बिना डरे
धड़ाधड़ – धड़-धड़ की आवाज
अनुकूल – मन के अनुसार
घर-घर – प्रत्येक घर
निर्विकार – बिना विकार के
यथाकाम – इच्छानुसार
यथास्थान – स्थान के अनुसार
रातोंरात – रात ही रात में

समास की परिभाषा :

समास का तात्पर्य होता है-‘संक्षिप्तीकरण’ और इसका शाब्दिक अर्थ होता है छोटा रूप। अथार्त जब दो या दो से अधिक शब्दों से मिलकर जो नया और छोटा शब्द बनता है उस शब्द को समास (Samas) कहते हैं। समास रचना में दो पद होते हैं। प्रथम पद को ‘पूर्वपद ‘ कहा जाता है और द्वितीय पद को ‘उत्तरपद ‘ कहा जाता है। इन दोनों से जो नया शब्द बनता है वो”समस्त पद” या” सामासिक शब्द” कहलाता है।

समास-विग्रह क्या होता है?

जब समस्त पद के सभी पद अलग-अलग किये जाते हैं उसे समास-विग्रह (Samas Vigrah) कहते हैं। समास-विग्रह सामासिक पद के शब्दों के मध्य संबंध को स्पष्ट करने के लिए किया जाता है।

परीक्षा में प्रत्यक्ष समस्त पद को लेकर कई प्रकार से प्रश्न पूछा जा सकता है जैसे कि प्रत्यक्ष में कौन सा समास है? प्रत्यक्ष शब्द में कौन सा समास होगा? प्रत्यक्ष में कौन सा समास होता है? प्रत्यक्ष में कौन सा समास है बताइये प्रत्यक्ष का समास विग्रह बताइए प्रत्यक्ष का समास विग्रह क्या है? प्रत्यक्ष का समास विग्रह क्या होगा? आदि।

समास – परिभाषा, भेद, उदाहरण, समास-विग्रह

समास अभ्यास प्रश्न (Samas Worksheet)

असंभव’ समस्त पद में कौन सा समास होगा?
मृगलोचनी ‘ शब्द में कौन- सा समास है? *
हिमालय में कौन सा समास है
पंकज में कौन सा समास है
फूल -पत्ती में कौन सा समास है?
आपबीती में कौन सा समास है
अधमरा में कौन सा समास है
सर्वभक्षी – शब्द में कौन सा समास है?
भरपूर का समास विग्रह
हिमालय का समास विग्रह
असंभव’ समस्त पद में कौन सा समास होगा?
महावीर का समास विग्रह
प्रत्येक का समास विग्रह
एकाएक का समास विग्रह
ध्यानमग्न का समास विग्रह
सज्जन का समास विग्रह

25 Important परीक्षा में पूछे जाने वाले सामासिक शब्द के उदाहरण:

सभी प्रतियोगी परीक्षाओं में समास संबंधी प्रश्न पूछे जाते हैं जिनमें मार्क्स लाना आसान होता है किन्तु सही जानकारी और अभ्यास के अभाव में अक्सर विद्यार्थी समास के प्रश्न में अंक लाने में कठिनाई अनुभव करते हैं। हमने प्रतियोगी परीक्षाओं में पूछे जाने वाले समास के उदाहरण और समास-विग्रह के महत्वपूर्ण सामासिक पदों का संकलन किया है जिनका अभ्यास करके आप पूर्ण अंक प्राप्त कर सकते हैं।

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