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उपसर्ग और प्रत्यय कक्षा 6

किसी शब्द से किसी नवीन शब्द का निर्माण करना शब्द रचना कहलाता है। उपसर्ग और प्रत्यय इसी प्रक्रिया का एक महत्वपूर्ण अंग है।

उपसर्ग – वह शब्द  जो किसी शब्द के पहले लगकर एक  नये शब्द का निर्माण करता है उपसर्ग कहलाता है,
जैसे, अ+ पढ़ – अपढ़ ,आ+कार – आकार, स+काम – सकाम इत्यादि।

भारत में बोली जाने वाली प्रमुख भाषाओं के आधार पर उपसर्ग को वर्गीकृत किया गया है। हमारे देश में संस्कृत, हिंदी ,अरबी फारसी और अंग्रेजी भाषा विशेष रुप से जनप्रिय हैं। उपसर्ग को भी इसी आधार पर चार भागों में वर्गीकृत किया गया है –

1. संस्कृत के उपसर्ग
2. हिंदी के उपसर्ग
3. अरबी फारसी के उपसर्ग
4.अंग्रेजी भाषा के उपसर्ग।

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संस्कृत के उपसर्ग

उपसर्ग – अर्थ – उपसर्ग युक्त शब्द
अप् – विकार, नीचे –  अपराध,अपकार, अपार
सम् – साथ, पूर्ण – सम्मान, समारोह, सम्मेलन
अनु – साथ – अनुसार, अनुभव,अनुचर
अव – बुरा,हीन – अवरोध, अवकाश अवधारणा
निर् – बिना – निराकार, निराशा, निरपराध
निस् – निषेध – निषेध, निष्कासन, निष्फल
दुर –  बुराई – दुर्जन, दुराचार,दुरगम
दुष् – निषेध, कठिनता –   दुष्कर्म, दुस्साहस,दुष्कर।

हिंदी के उपसर्ग

उपसर्ग – अर्थ –  उपसर्ग युक्त शब्द
चौ – चार – चौपाल, चौपाई,चौपाया, चौघडिया
पर् – दूसरे के अर्थ में – पराधिन, पराक्रम परास्त,पराजय
अन् – रहित –  अनपढ़, अनमोल,अन्ना, अनावश्यक
नि – रहित –  निशुल्क, निरोध, निरोग, निवास
सु – अच्छा –  सुफल,सुगम,सुपथ, सुप्रसिद्ध, सुप्रभात
प्रति –   विपरीत – प्रति दिन, प्रति क्षण, प्रति पल
औ – हीनता – औरस, औघड़
कु – बुरा – कुतर्क,कूदृष्टि, कुपोषण, कुपरिणाम

अरबी फारसी के उपसर्ग

उपसर्ग – अर्थ – उपसर्ग युक्त शब्द –
ब – के साथ – बकौल,बरहम, बनिस्पत
बा – साथ – बाकायदा, बावस्ता,बाइज्ज्त
कम – थोड़ा – कमसिन कमबख्त, कमजर्फ
दर –   में –   दरअसल, दरकिनार, दरकार,
ना – नहीं – नामुराद, नामुमकिन, नाकाबिल
बद –   बुरा – बदहाली, बदकिस्मत, बदनसीब
खुश – अच्छा – खुश फहमी, खुशगवार, खुशनुमा

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अंग्रेजी के उपसर्ग

उपसर्ग – अर्थ – उपसर्ग युक्त शब्द
सब –   अधीन –   सब औरडिनेट,सब इंस्पेक्टर
वाइस – सहायक – वाइस – चांसलर,वाइस प्रेसिडेंट
चीफ – प्रमुख – चीफ़ मिनिस्टर चीफ़ गेस्ट
हेड –   प्रमुख – हेड कांस्टेबल, हेड क्वार्टर
डिप्टी – उप – डिप्टी मेयर, डिप्टी कलेक्टर

प्रत्यय –

वे शब्दांश जो किसी शब्द के पीछे लग कर एक नए शब्द का निर्माण करते हैं प्रत्येक कहलाते हैं।

जैसे : – सफल + ता – = सफलता , मित्र  + ता =  मित्रता, राजनीति + इक = राजनीतिक ,इत्यादि।

प्रत्यय को विस्तार पूर्वक समझने के लिए निम्न वाक्यों में – प्रत्यय और प्रत्यय युक्त शब्द को एक साथ लिखा गया है।

प्रत्यय – प्रत्यय निर्मित शब्द
अ् –   अगम, महक, परम
आ –  भूखा, रूखा, सूखा
अन् – मनन, चिंतन, भक्षण
आऊ – चलताऊ,उबाऊ, भड़काऊ
आवट – थकावट, बनावट, सजावट
ईला – चमकीला, भड़कीला, नुकीला
इक – भौतिक, नैतिक, दैहिक
दार – ईमानदार,चोबदार, चौकीदार
आरी – जुआरी, पंसारी, अनाड़ी
आनी – जिठानी, देवरानी, महारानी, सेठानी

प्रत्यय और उपसर्ग के संबंध में मुख्य बात यह है कि उपसर्ग और प्रत्यय दोनों ही छोटे – छोटे शब्दांश है पूर्ण शब्द नहीं, और ना ही इनका कोई स्वतंत्र प्रयोग होता है। स्वतंत्र अर्थ तो निश्चित है लेकिन पूर्ण अर्थ यह  तभी प्रकट करते हैं जब  ये किसी शब्द से जुड़ते हैं।

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