प्रीति-नदी में पाँउ न बोरयों में कौनसा अलंकार है?

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प्रीति-नदी में पाँउ न बोरयों में कौनसा अलंकार है?

प्रीति-नदी में पाँउ न बोरयों में कौनसा अलंकार है? उदाहरण सहित स्पष्ट कीजिये।

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प्रीति-नदी में पाँउ न बोरयों में रूपक अलंकार है। इस पंक्ति में प्रीति रूपी नदी में पैर देने के लिए मना किया गया है। इसमे प्रीति उपमेय पर उपमान नदी को आरोपित किया गया है। इसलिए इसमें रुपक अलंकार है।

दूसरे शब्दों में कहें तो प्रेम और नदी में ऐसा संबंध स्थापित किया गया है कि दोनों में कोई भेद नहीं रह गया है। इसे ही उपमेय पर उपमान का आरोप कहते है।

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इस उदाहरण में जहां जहां पर उपमेय और उपमान आए हैं, वो हमने विद्यार्थियों की सहायता के लिए नीचे लिख दिये हैं:-

उपमेय-उपमान

प्रीति –नदी

जहां किन्हीं दो व्यक्ति या वस्तुओं में इतनी समानता हो कि दोनों में अंतर करना मुश्किल हो जाए वहां रूपक अलंकार होता है।

अथवा जहां उपमेय उपमान का रूप धारण कर ले वहां रूपक अलंकार होता है। रूपक अलंकार अर्थालंकार का एक प्रकार है।

प्रीति-नदी में पाँउ न बोरयों में रूपक अलंकार से संबन्धित प्रश्न परीक्षा में कई प्रकार से पूछे जाते हैं। जैसे कि – यहाँ पर कौन सा अलंकार है? दी गई पंक्तियों में कौन सा अलंकार है? दिया गया पद्यान्श कौन से अलंकार का उदाहरण है? पद्यांश की पंक्ति में कौन-कौन सा अलंकार है, आदि।

प्रीति-नदी में पाँउ न बोरयों पंक्तियों में रूपक अलंकार के अलावा और कौन सा अलंकार उपस्थित है?

विरोधाभास अलंकार

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