Rahim ke dohe चिंता बुद्धि परखिए, टोटे परख त्रियाहि।

Rahim ke dohe in Hindi:

चिंता बुद्धि परखिए, टोटे परख त्रियाहि।
उसे कुबेला परखिए, ठाकुर गुनी किआहि।।

Vhinta buddhi parakhiye, tote parakh triyaahi,
Use kubela parakhiye, thakur guni kiaahi

रहीम के दोहे का अर्थ:

सुख के अवसर पर यह जानना बहुत कठिन है कि कौन हितैषी है। ऐसे समय में सब हास परिहास में सुख का समय व्यतीत कर देते हैं। हितकारियों की परख तो कष्ट के समय में होती है। विशेषकर जिन्हें बहुत निकट माना जाता है, उनका वास्तविक स्वरूप विपत्ति के समय ही उजागर होता है। अपनी बुद्धि का परीक्षण भी मनुष्य कष्ट के दौरान ही कर पाता है।

रहीम कहते हैं, अपनी बुद्धि पर किसे गर्व नहीं होता। सबकी यही धारणा होती है कि मुझसे अधिक समझदार कोई नहीं। पर मनुष्य की बुद्धि ठीक से काम कर पाती है अथवा नहीं, इसकी परख करना समय के हाथों में है। चिंताओं मे पड़ जाने में आमतौर पर मनुष्य की बुद्धि काम नहीं कर पाती। अतः उसी समय पता चलता है कि कौन बुद्धि से काम लेकर चिंताओं से मुक्त होता है और कौन नहीं।

Rahim ke dohe रहीम के 25 प्रसिद्ध दोहे अर्थ व्याख्या सहित

25 Important परीक्षा में पूछे जाने वाले रहीम के दोहे :

अक्सर प्रतियोगी परीक्षाओं और विद्यालयी परीक्षाओं में रहीम के दोहे संबन्धित प्रश्न पूछे जाते हैं जिनमें मार्क्स लाना आसान होता है किन्तु सही जानकारी और अभ्यास के अभाव में अक्सर विद्यार्थी रहीम के दोहों के प्रश्न में अंक लाने में कठिनाई अनुभव करते हैं। हमने प्रतियोगी परीक्षाओं में पूछे जाने वाले रहीम के दोहों को अर्थ एवं व्याख्या सहित संग्रहीत किया है जिनका अभ्यास करके आप पूर्ण अंक प्राप्त कर सकते हैं।

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