Rahim ke dohe दोनों रहिमन एक से, जौ लौं बोलत नाहिं।

Rahim ke dohe in Hindi:

दोनों रहिमन एक से, जौ लौं बोलत नाहिं।
जान परत हैं काक पिक, ऋतु बसंत के मांहिं।।

Donon rahiman ek se, jou loun bolat naahin,
Jan parat hain kak pik, ritu basant ke maanhin

रहीम के दोहे का अर्थ:

दो व्यक्ति एक जैसे लग सकते हैं, किंतु यह आवश्यक नहीं कि उनका व्यवहार और वाणी भी एक समान हो। उनके विपरीत और भिन्न स्वभाव का पता तब चलता है, जब वे बोलते और व्यवहार करते हैं।

रहीम कहते हैं, पेड़ की डाल पर बैठे कौआ व कोयल जब तक बोलते नहीं, तब तक देखने में एक जैसे प्रतीत होते हैं। किंतु जब बसंत ऋतु आती है और वे बोलने लगते हैं, तब उनकी वाणी सुनकर उनके स्वभाव और व्यवहार का पता चलता है। कौए की वाणी कर्कष होती है, जो मन को खिन्न करती है, और कोयल की मधुर वाणी सुनकर मन आहादित होता है।

Rahim ke dohe रहीम के 25 प्रसिद्ध दोहे अर्थ व्याख्या सहित

25 Important परीक्षा में पूछे जाने वाले रहीम के दोहे :

अक्सर प्रतियोगी परीक्षाओं और विद्यालयी परीक्षाओं में रहीम के दोहे संबन्धित प्रश्न पूछे जाते हैं जिनमें मार्क्स लाना आसान होता है किन्तु सही जानकारी और अभ्यास के अभाव में अक्सर विद्यार्थी रहीम के दोहों के प्रश्न में अंक लाने में कठिनाई अनुभव करते हैं। हमने प्रतियोगी परीक्षाओं में पूछे जाने वाले रहीम के दोहों को अर्थ एवं व्याख्या सहित संग्रहीत किया है जिनका अभ्यास करके आप पूर्ण अंक प्राप्त कर सकते हैं।

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