Rahim ke dohe फरजी साह न है सके, गति टेढ़ी तासीर।

Rahim ke dohe in Hindi:

फरजी साह न है सके, गति टेढ़ी तासीर।
रहिमन सीधे चाल सों, प्यादो होत वजीर।।

Farjee sah na hai sake, gati tedhi taaseer
Rahiman seedhe chaal soun, pyado hot vajeer

रहीम के दोहे का अर्थ:

कोई यह चाहे कि कुटिल चालें चलकर वह कुछ प्राप्त कर सकता है तो यह संभव नहीं है। शिखर पर पहुंचने के लिए हमेशा नेकी और सीधी चाल ही सहायक होती है।

रहीम कहते हैं, वजीर कभी शाह नहीं बन सकता, क्योंकि उसकी टेढ़ी चाल का प्रभाव उसके अनुकूल नहीं होता। टेढ़ी-मेड़ी चाल हमेशा ऊंचे पद तक पहुंचने में बाधक होती है। जबकि इसके विपरित प्यादा सीधी चाल चलता है, इसलिए वह वजीर बनने में सफल होता है।

Rahim ke dohe रहीम के 25 प्रसिद्ध दोहे अर्थ व्याख्या सहित

25 Important परीक्षा में पूछे जाने वाले रहीम के दोहे :

अक्सर प्रतियोगी परीक्षाओं और विद्यालयी परीक्षाओं में रहीम के दोहे संबन्धित प्रश्न पूछे जाते हैं जिनमें मार्क्स लाना आसान होता है किन्तु सही जानकारी और अभ्यास के अभाव में अक्सर विद्यार्थी रहीम के दोहों के प्रश्न में अंक लाने में कठिनाई अनुभव करते हैं। हमने प्रतियोगी परीक्षाओं में पूछे जाने वाले रहीम के दोहों को अर्थ एवं व्याख्या सहित संग्रहीत किया है जिनका अभ्यास करके आप पूर्ण अंक प्राप्त कर सकते हैं।

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