Rahim ke dohe कुटिलन संग रहीम कहि, साधू बचते नाहिं।

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Rahim ke dohe in Hindi:

कुटिलन संग रहीम कहि, साधू बचते नाहिं।
ज्यों नैना सैना करें, उरज उमेठे जाहिं।।

Kutilan sang rahim kahi, sadhu bachte naahin,
Jyon naina saina Karen, uraj umethe jaahin

रहीम के दोहे का अर्थ:

बुरे व्यक्ति की संगति से बचना बहुत कठिन होता है। उनका साथ होने पर उनका प्रभाव अवश्य पड़ता है।

रहीम कहते हैं कि जब कोई स्त्री किसी पुरूष की ओर कामुकता से देखती है, तब उस पुरूष के मन में उस स्त्री का स्तन मर्दन करते की कामुक भावना जागती है।

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यहां स्त्री के इस प्रकार संकेतों को कुचेष्य ही माना जाएगा, तभी तो पुरूष के मन में कामुक भावनाओं का जन्म हुआ। इसी प्रकार बुरे व्यक्तियों की संगति में कोई भी बुरे कर्मों में संलग्न हो सकता है। यह एक स्वाभाविक प्रक्रिया है, जिससे बचा नहीं जा सकता।

Rahim ke dohe रहीम के 25 प्रसिद्ध दोहे अर्थ व्याख्या सहित

25 Important परीक्षा में पूछे जाने वाले रहीम के दोहे :

अक्सर प्रतियोगी परीक्षाओं और विद्यालयी परीक्षाओं में रहीम के दोहे संबन्धित प्रश्न पूछे जाते हैं जिनमें मार्क्स लाना आसान होता है किन्तु सही जानकारी और अभ्यास के अभाव में अक्सर विद्यार्थी रहीम के दोहों के प्रश्न में अंक लाने में कठिनाई अनुभव करते हैं। हमने प्रतियोगी परीक्षाओं में पूछे जाने वाले रहीम के दोहों को अर्थ एवं व्याख्या सहित संग्रहीत किया है जिनका अभ्यास करके आप पूर्ण अंक प्राप्त कर सकते हैं।

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