Rahim ke dohe रहिमन जा डर निसि परै, ता दिन डर सिय कोय।

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Rahim ke dohe in Hindi:

रहिमन जा डर निसि परै, ता दिन डर सिय कोय।
पल पल करके लागते, देख् कहां धौं होय।।

Rahiman ja dar nisi parai, ta din dar siy koy,
Pal pal karke laagte, dekh kahan dhoun hoy

रहीम के दोहे का अर्थ:

रात में जिन कारणों से डर लगता है, वही भय सीता को दिन में क्यों लगा? क्षण क्षण करके समय बीता जा रहा है। देखते हैं इस प्रकार कहां तक चलेगा।

भाव यह है कि रात में आदमी अनेक कारणों से कार्य करते हुए डरता है। लेकिन दिन में वही कार्य किसी और करते हुए देखकर भयभीत नहीं होता। रात के अंधकार में व्यक्ति को भय होता है अर्थात् भगवान भक्त ऐसे कार्यों से हमेशा भयभीत होता है। प्रत्येक बीता हुआ कल मृत्यु की ओर ले जा रहा है। यह सोचकर भगवान के प्रति सच्ची लगन लगानी चाहिए।

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Rahim ke dohe रहीम के 25 प्रसिद्ध दोहे अर्थ व्याख्या सहित

25 Important परीक्षा में पूछे जाने वाले रहीम के दोहे :

अक्सर प्रतियोगी परीक्षाओं और विद्यालयी परीक्षाओं में रहीम के दोहे संबन्धित प्रश्न पूछे जाते हैं जिनमें मार्क्स लाना आसान होता है किन्तु सही जानकारी और अभ्यास के अभाव में अक्सर विद्यार्थी रहीम के दोहों के प्रश्न में अंक लाने में कठिनाई अनुभव करते हैं। हमने प्रतियोगी परीक्षाओं में पूछे जाने वाले रहीम के दोहों को अर्थ एवं व्याख्या सहित संग्रहीत किया है जिनका अभ्यास करके आप पूर्ण अंक प्राप्त कर सकते हैं।

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