Rahim ke dohe रहिमन मोहि न सुहाय, अमी पियावै मान बिनु।

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Rahim ke dohe in Hindi:

रहिमन मोहि न सुहाय, अमी पियावै मान बिनु।
बरू बिष देय बलाय, मान सहित मरिबो भलो।।

Rahiman mohi na suhay, ami piyavat man binu
Baru bish dey balay, maan sahit maribo bhalo

रहीम के दोहे का अर्थ:

रहीम ने मान-सम्मान के महत्व को अनेक दोहों में स्वीकारा है। वह बिना मान के जीवित रहने के बजाय मानसहित मरने को ही प्रमुखता देना श्रेयस्कर मानते हैं।

रहीम कहते है, मान-सम्मान के बिना बहुमूल्य विधियां भी मिल जाएं तो स्वीकार्य नहीं। मुझे यह बिल्कुल नहीं सुहाता कि कोई बिना मान के अमृत पीने को दें। ऐसे अमृत को पीना अपमानजनक है। इसके बजाय कोई बुलाकर मानसहित विष पिलाए तो उसे पीकर मरना भला है।

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Rahim ke dohe रहीम के 25 प्रसिद्ध दोहे अर्थ व्याख्या सहित

25 Important परीक्षा में पूछे जाने वाले रहीम के दोहे :

अक्सर प्रतियोगी परीक्षाओं और विद्यालयी परीक्षाओं में रहीम के दोहे संबन्धित प्रश्न पूछे जाते हैं जिनमें मार्क्स लाना आसान होता है किन्तु सही जानकारी और अभ्यास के अभाव में अक्सर विद्यार्थी रहीम के दोहों के प्रश्न में अंक लाने में कठिनाई अनुभव करते हैं। हमने प्रतियोगी परीक्षाओं में पूछे जाने वाले रहीम के दोहों को अर्थ एवं व्याख्या सहित संग्रहीत किया है जिनका अभ्यास करके आप पूर्ण अंक प्राप्त कर सकते हैं।

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