Rahim ke dohe रहिमन यों सुख होत है, बढ़त देखि निज गोत।

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Rahim ke dohe in Hindi:

रहिमन यों सुख होत है, बढ़त देखि निज गोत।
ज्यों बड़री अंखियां निरखि, आंखिन को सुख होत।।

Rahiman yon such hot hai, badhat dekhi nij got,
Jyon badari ankhiyan nirakhi, aankhin ko such hot

रहीम के दोहे का अर्थ:

अपने वंश की वृद्धि से कौन प्रसन्न नहीं होता? सुख संपन्नता से परिपूर्ण वंश की अभिवृद्धि से निस्संदेह संतोष में भी वृद्धि होती है।

रहीम कहते हैं, वंश को बढ़ते देखकर अपार हर्ष होता है। यह सुख ऐसा है, जिस प्रकार बड़ी आंखें निहार कर आंखों को सुख मिलता है।

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Rahim ke dohe रहीम के 25 प्रसिद्ध दोहे अर्थ व्याख्या सहित

25 Important परीक्षा में पूछे जाने वाले रहीम के दोहे :

अक्सर प्रतियोगी परीक्षाओं और विद्यालयी परीक्षाओं में रहीम के दोहे संबन्धित प्रश्न पूछे जाते हैं जिनमें मार्क्स लाना आसान होता है किन्तु सही जानकारी और अभ्यास के अभाव में अक्सर विद्यार्थी रहीम के दोहों के प्रश्न में अंक लाने में कठिनाई अनुभव करते हैं। हमने प्रतियोगी परीक्षाओं में पूछे जाने वाले रहीम के दोहों को अर्थ एवं व्याख्या सहित संग्रहीत किया है जिनका अभ्यास करके आप पूर्ण अंक प्राप्त कर सकते हैं।

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