Rahim ke dohe सदा नगारा कूच का, बाजत आठों जाम।

Rahim ke dohe in Hindi:

सदा नगारा कूच का, बाजत आठों जाम।
रहिमन या जग आइ कै, को करि रहा मुकाम।।

Sadaa nagaaraa kooch ka, baajat aathon jam
Rahiman ya jag aai kai, ko kari raha mukaam

रहीम के दोहे का अर्थ:

यह सारी सृष्टि नाशवान है। प्रत्येक चराचर को एक दिन काल कवलित होना है। किंतु मानव जन्म लेकर इस शाष्वत सत्य को भुला देता है और भोग विलास में जीवन व्यर्थ गंवा देता है। वह भौतिक पदार्थों का भंडार एकत्रित करता है और यह भी नहीं सोचता कि यहां स्थायी तौर पर कोई नहीं रहता, एक दिन सबकुछ तज कर उसे परलोक सिधारता है।

अतः इस पद में रहीम स्मरण करते हैं कि दुनियावालों! सुनो, कूच का नक्कारा आठों याम (24 घंटे) बज रहा है। हर पल कहीं न कहीं कोई अपने प्राण त्याग रहा है, फिर क्यों भौतिकता के पीछे भाग रहे हो। इस जग में आकर कोई भी स्थायी रूप से वास नहीं करता। एक दिन तुम्हारा भी अंत आएगा, इसलिए कुछ परलोक संवारने का भी यत्न करो।

Rahim ke dohe रहीम के 25 प्रसिद्ध दोहे अर्थ व्याख्या सहित

25 Important परीक्षा में पूछे जाने वाले रहीम के दोहे :

अक्सर प्रतियोगी परीक्षाओं और विद्यालयी परीक्षाओं में रहीम के दोहे संबन्धित प्रश्न पूछे जाते हैं जिनमें मार्क्स लाना आसान होता है किन्तु सही जानकारी और अभ्यास के अभाव में अक्सर विद्यार्थी रहीम के दोहों के प्रश्न में अंक लाने में कठिनाई अनुभव करते हैं। हमने प्रतियोगी परीक्षाओं में पूछे जाने वाले रहीम के दोहों को अर्थ एवं व्याख्या सहित संग्रहीत किया है जिनका अभ्यास करके आप पूर्ण अंक प्राप्त कर सकते हैं।

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