Rahim ke dohe समय पाय फल होत है, समय पाय झरि जाय।

Rahim ke dohe in Hindi:

समय पाय फल होत है, समय पाय झरि जाय।
सदा रहे नहिं एक सी, का रहीम पछिताय।।

Samay pay fal hot hai, samay pay jhari jay,
Sadaa rahe nahin ek see, ka Rahim pachhitay

रहीम के दोहे का अर्थ:

संसार में कौन सदा रहा है और इसी प्रकार किसी का समय भी एक सा नहीं रहता है। लोगों का आवागमन लगा रहता है। कभी सुख की छाया में बसते हैं तो कभी दुख की धूप में तपते हैं। वस्तुतः जीवन व जीवन का उतार चढ़ाव अस्थिर है।

रहीम कहते हैं, सब कुछ समायनुसार होता है और समय सदैव परिवर्तनशील है। समय आने पर ही फल उत्पन्न होता है और समय आने वह झड़ भी जाता है। अच्छे समय में व्यक्ति संपत्ति से खिलवाड़ करता है, जबकि बुरे वक्त में उसके हाथ से सारी संपत्ति निकल जाती है। समय को कोई पकड़कर नहीं रख सकता। परिस्थितियां सदैव एक सी नहीं रहती। अतः पछताने से क्या लाभ?

Rahim ke dohe रहीम के 25 प्रसिद्ध दोहे अर्थ व्याख्या सहित

25 Important परीक्षा में पूछे जाने वाले रहीम के दोहे :

अक्सर प्रतियोगी परीक्षाओं और विद्यालयी परीक्षाओं में रहीम के दोहे संबन्धित प्रश्न पूछे जाते हैं जिनमें मार्क्स लाना आसान होता है किन्तु सही जानकारी और अभ्यास के अभाव में अक्सर विद्यार्थी रहीम के दोहों के प्रश्न में अंक लाने में कठिनाई अनुभव करते हैं। हमने प्रतियोगी परीक्षाओं में पूछे जाने वाले रहीम के दोहों को अर्थ एवं व्याख्या सहित संग्रहीत किया है जिनका अभ्यास करके आप पूर्ण अंक प्राप्त कर सकते हैं।

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