रोग कौन सी संज्ञा है? rog shabd mein kaun si Sangya hai?

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रोग कौन सी संज्ञा है? rog kaun si sangya hai?

यहाँ पर रोग शब्द से किसी भाव, अवस्था, गुण, दोष, दशा आदि का पता चल रहा है, अतः रोग शब्द भाववाचक संज्ञा है।

भाववाचक संज्ञा की परिभाषा :-

जिन संज्ञा शब्दों से पदार्थों की अवस्था, गुण, दोष, धर्म, दशा, आदि का बोध हो वह भाववाचक संज्ञा कहलाता है।

rog kaun si sangya hai?

rog Bhav Vachak Sangya hai.

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भाववाचक संज्ञा के उदाहरण Bhav Vachak Sangyaexamples in Hindi :-

बंद कमरे में बैठने से मुझे बेचैनी हो जाती है।

कठोर मेहनत करने वाले खिलाड़ी को ही ओलिम्पिक में पदक जीतने में सफलता मिलेगी।

लता मंगेशकर की आवाज में दैवीय मधुरता है।

विद्यार्थियों में अनुशासन लाने के लिए अध्यापक के स्वभाव में कठोरता होना स्वाभाविक है।

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ऊपर दिए गए वाक्यों में बेचैनी से बेचैन होने का, सफलता से सफल होने का, मधुरता से मधुर होने का और कठोरता से कठोर होने का भाव भाव व्यक्त हो रहा है इसलिए ये भाववाचक संज्ञा शब्द हैं।

संज्ञा के बारे में परीक्षा में अनेक प्रकार के प्रश्न पूछे जाते हैं। जैसे कि –

भाववाचक संज्ञा meaning in English, भाववाचक संज्ञा के 10 उदाहरण वाक्य, भाववाचक संज्ञा के 10 उदाहरण शब्द, भाववाचक संज्ञा को परिभाषित करो, भाववाचक संज्ञा से भाववाचक संज्ञा बनाना, आप इन सभी प्रश्नों का उत्तर इस पोस्ट को पढ़ कर दे सकते हैं।

संज्ञा की परिभाषा, भेद एवं उदाहरण की विस्तार से जानकारी के लिए निम्न पोस्ट पढ़ें :-

संज्ञा की परिभाषा, भेद, उदाहरण 

10 Important संज्ञा शब्द जो परीक्षा में पूछे जा सकते हैं।

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