संज्ञा की परिभाषा, भेद, उदाहरण Noun in Hindi

संज्ञा की परिभाषा: (Sangya ki Paribhasha in Hindi)

संज्ञा का शाब्दिक अर्थ होता है – नाम। किसी व्यक्ति , गुण, प्राणी, व् जाति, स्थान , वस्तु, क्रिया और भाव आदि के नाम को संज्ञा कहते हैं।

संज्ञा के उदाहरण Sangya ke Udaharan, Sangya examples in Hindi

रमेश परीक्षा में प्रथम आया था। इसलिए वह दौड़ता हुआ स्कूल से घर पहुंचा, इस बात से वह बहुत खुश था। उसने यह बात अपने माता- पिता को बताई। यह समाचार सुन वह इतने आनंदित हुए कि उन्होंने उसे गले लगा लिया।

यहाँ पर खुश और आनंदित (भाव ), रमेश , माता-पिता (यक्ति ), स्कूल, घर (स्थान ), सुन, गले लगा (क्रिया ) आदि संज्ञा आई हैं।

संज्ञा के भेद (Sangya Ke Bhed) :- (Types of Noun in Hindi)

1. जातिवाचक संज्ञा Common Noun in Hindi

2. भाववाचक संज्ञा Abstract Noun in Hindi

3. व्यक्तिवाचक संज्ञा Proper Noun in Hindi

4.समूहवाचक संज्ञा Collective Noun in Hindi

5. द्रव्यवाचक संज्ञा Material Noun in Hindi

1. जातिवाचक संज्ञा क्या होती है :- (Common Noun Paribhasha in Hindi)

जिस शब्द से एक ही जाति के अनेक प्राणियों , वस्तुओं का बोध हो उसे जातिवाचक संज्ञा कहते हैं अथार्त जिस शब्द से किसी जाति का सम्पूर्ण बोध होता हो यह उसकी पूरी श्रेणी और पूर्ण वर्ग का ज्ञान होता है उस संज्ञा शब्द को जातिवाचक संज्ञा कहते हैं।

उदाहरण :- (Common Noun Examples in Hindi)

मोटर साइकिल, कार, टीवी, पहाड़, तालाब, गॉंव, लड़का, लडकी,घोडा, शेर।

  • ‘लड़का’ से राजेश, सतीश, दिनेश आदि सभी ‘लड़कों का बोध होता है।
  • ‘पशु-पक्षयों’ से गाय, घोड़ा, कुत्ता आदि सभी जाति का बोध होता है।
  • ‘वस्तु’ से मकान कुर्सी, पुस्तक, कलम आदि का बोध होता है।
  • ‘नदी’ से गंगा यमुना, कावेरी आदि सभी नदियों का बोध होता है।
  • ‘मनुष्य’ कहने से संसार की मनुष्य-जाति का बोध होता है।
  • ‘पहाड़’ कहने से संसार के सभी पहाड़ों का बोध होता है।

2. भाववाचक संज्ञा क्या होती है :- (Abstract Noun Paribhasha in Hindi)

जिस संज्ञा शब्द से किसी के गुण, दोष, दशा, स्वाभाव , भाव आदि का बोध हो वहाँ पर भाववाचक संज्ञा कहते हैं। अथार्त जिस शब्द से किसी वस्तु , पदार्थ या प्राणी की दशा , दोष, भाव , आदि का पता चलता हो वहाँ पर भाववाचक संज्ञा होती है।

उदाहरण :- (Abstract Noun Examples in Hindi)

गर्मी, सर्दी, मिठास, खटास, हरियाली, सुख।

भाववाचक संज्ञा बनाना :-

भाववाचक संज्ञा चार प्रकार से बनाई जा सकती हैं —

1. जातिवाचक संज्ञा से

2. सर्वनाम से

3. विशेषण से

4. क्रिया से

1. जातिवाचक संज्ञा से भाववाचक संज्ञा बनाना :-

मित्र = मित्रता
पुरुष = पुरुषत्व
पशु = पशुता
पंडित = पांडित्य
दनुज = दनुजता
सेवक = सेवा
नारी = नारीत्व
भाई = भाईचारा

जातिवाचक संज्ञाभाववाचक संज्ञाजातिवाचक संज्ञाभाववाचक संज्ञा
स्वामीस्वामित्वकविकवित्व
बूढ़ाबुढ़ापाभाईभाईचारा
युवकयौवनदानवदानवता
दासदासतापंडितपांडित्य, पंडिताई
क्षत्रियक्षत्रियत्वपुरुषपुरुषत्व, पौरुष
लड़कालड़कपनशिशुशैशव
मित्रमित्रता, मैत्रीब्राह्मणब्राह्मणत्व
पशुपशुता, पशुत्वनारीनारीत्व
देवदेवत्वप्रभुप्रभुत्व, प्रभुता

2. सर्वनाम से भाववाचक संज्ञा बनाना :-

पराया = परायापन
सर्व = सर्वस्व
निज = निजत्व

सर्वनामभाववाचक संज्ञासर्वनामभाववाचक संज्ञा
स्वस्वत्वममममता, ममत्व
निजनिजता, निजत्वअपनाअपनत्व, अपनापन
सर्वसर्वस्वपरायापरायापन
अहंअहंकारमैममत्व

3. विशेषण से संज्ञा बनाना :-

मीठा = मिठास
मधुर = मधुरता
चौड़ा = चौडाई
गंभीर = गंभीरता
मूर्ख = मूर्खता
पागल = पागलपन
भला = भलाई
लाल = लाली

विशेषणभाववाचक संज्ञाविशेषणभाववाचक संज्ञा
लघु-लघुता, लघुत्व, लाघववीर-वीरता, वीरत्व
एक-एकता, एकत्वचालाक-चालाकी
खट्टा-खटाईगरीब-गरीबी
गँवार-गँवारपनपागल-पागलपन
बूढा-बुढ़ापामोटा-मोटापा
नवाब-नवाबीदीन-दीनता, दैन्य
बड़ा-बड़ाईसुंदर-सौंदर्य, सुंदरता
भला-भलाईबुरा-बुराई
ढीठ-ढिठाईचौड़ा-चौड़ाई
लाल-लाली, लालिमाबेईमान-बेईमानी
सरल-सरलता, सारल्यआवश्यकता-आवश्यकता
परिश्रमी-परिश्रमअच्छा-अच्छाई
गंभीर-गंभीरता, गांभीर्यसभ्य-सभ्यता
स्पष्ट-स्पष्टताभावुक-भावुकता
अधिक-अधिकता, आधिक्यगर्म-गर्मी
सर्द-सर्दीकठोर-कठोरता
मीठा-मिठासचतुर-चतुराई
सफेद-सफेदीश्रेष्ठ-श्रेष्ठता
मूर्ख-मूर्खताराष्ट्रीयराष्ट्रीयता

4. क्रिया से भाववाचक संज्ञा बनाना :-

उड़ना = उड़न
लिखना = लेख
खोदना = खुदाई
बढ़ना=बाढ़
कमाना = कमाई
घेरना = घेरा
खपना = खपत
बचना =बचाव
नाचना = नाच
पड़ना = पड़ाव
लूटना = लूट

क्रियाभाववाचक संज्ञाक्रियाभाववाचक संज्ञा
खोजना-खोजसीना-सिलाई
जीतना-जीतरोना-रुलाई
लड़ना-लड़ाईपढ़ना-पढ़ाई
चलना-चाल, चलनपीटना-पिटाई
देखना-दिखावा, दिखावटसमझना-समझ
सींचना-सिंचाईपड़ना-पड़ाव
पहनना-पहनावाचमकना-चमक
लूटना-लूटजोड़ना-जोड़
घटना-घटावनाचना-नाच
बोलना-बोलपूजना-पूजन
झूलना-झूलाजोतना-जुताई
कमाना-कमाईबचना-बचाव
रुकना-रुकावटबनना-बनावट
मिलना-मिलावटबुलाना-बुलावा
भूलना-भूलछापना-छापा, छपाई
बैठना-बैठक, बैठकीबढ़ना-बाढ़
घेरना-घेराछींकना-छींक
फिसलना-फिसलनखपना-खपत
रँगना-रँगाई, रंगतमुसकाना-मुसकान
उड़ना-उड़ानघबराना-घबराहट
मुड़ना-मोड़सजाना-सजावट
चढ़ना-चढाईबहना-बहाव
मारना-मारदौड़ना-दौड़
गिरना-गिरावटकूदना-कूद

3. व्यक्तिवाचक संज्ञा क्या होती है :- (Proper Noun Paribhasha in Hindi)

जिस शब्द से किसी एक विशेष व्यक्ति , वस्तु, या स्थान आदि का बोध हो उसे व्यक्तिवाचक संज्ञा कहते हैं। अथार्त जिस संज्ञा शब्द से किसी विशेष स्थान, वस्तु,या व्यक्ति के नाम का पता चले वहाँ पर व्यक्तिवाचक संज्ञा होती है।

उदाहरण :- (Proper Noun Examples in Hindi)

भारत, गोवा, दिल्ली, भारत, महात्मा गाँधी , कल्पना चावला , महेंद्र सिंह धोनी , रामायण ,गीता, रामचरितमानस आदि।

4. समूहवाचक संज्ञा क्या होती है :- (Collective Noun Paribhasha in Hindi)

इसे समुदायवाचक संज्ञा भी कहा जाता है। जो संज्ञा शब्द किसी समूह या समुदाय का बोध कराते है उसे समूहवाचक संज्ञा कहते हैं। अथार्त जो शब्द किसी विशिष्ट या एक ही वस्तुओं के समूह या एक ही वर्ग व् जाति के समूह को दर्शाता है वहाँ पर समूहवाचक संज्ञा होती है।

उदाहरण :- (Collective Noun Examples in Hindi)

गेंहू का ढेर, लकड़ी का गट्ठर , विद्यार्थियों का समूह , भीड़ , सेना, खेल आदि।

5. द्रव्यवाचक संज्ञा क्या होती है :- (Material Noun Paribhasha in Hindi)

जो संज्ञा शब्द किसी द्रव्य पदार्थ या धातु का बोध कराते है उसे द्रव्यवाचक संज्ञा कहते हैं। अथार्त जो शब्द किसी पदार्थ, धातु और द्रव्य को दर्शाते हैं वहाँ पर द्रव्यवाचक संज्ञा होती है।

उदाहरण :- (Material Noun Examples in Hindi)

गेंहू , तेल, पानी, सोना, चाँदी, दही , स्टील , घी, लकड़ी आदि।

संज्ञा के रूपान्तर (लिंग, वचन और कारक में सम्बन्ध)

संज्ञा विकारी शब्द है। विकार शब्द रूपों को परिवर्तित अथवा रूपान्तरित करता है। संज्ञा के रूप लिंग, वचन और कारक चिह्नों (परसर्ग) के कारण बदलते हैं।

लिंग के अनुसार

नर खाता है- नारी खाती है।
लड़का खाता है- लड़की खाती है।

इन वाक्यों में ‘नर’ पुंलिंग है और ‘नारी’ स्त्रीलिंग। ‘लड़का’ पुंलिंग है और ‘लड़की’ स्त्रीलिंग। इस प्रकार, लिंग के आधार पर संज्ञाओं का रूपान्तर होता है।

वचन के अनुसार

लड़का खाता है- लड़के खाते हैं।
लड़की खाती है- लड़कियाँ खाती हैं।
एक लड़का जा रहा है- तीन लड़के जा रहे हैं।

इन वाक्यों में ‘लड़का’ शब्द एक के लिए आया है और ‘लड़के’ एक से अधिक के लिए। ‘लड़की’ एक के लिए और ‘लड़कियाँ’ एक से अधिक के लिए व्यवहृत हुआ है। यहाँ संज्ञा के रूपान्तर का आधार ‘वचन’ है। ‘लड़का’ एकवचन है और ‘लड़के’ बहुवचन में प्रयुक्त हुआ है।

कारक- चिह्नों के अनुसार

लड़का खाना खाता है- लड़के ने खाना खाया।
लड़की खाना खाती है- लड़कियों ने खाना खाया।

इन वाक्यों में ‘लड़का खाता है’ में ‘लड़का’ पुंलिंग एकवचन है और ‘लड़के ने खाना खाया’ में भी ‘लड़के’ पुंलिंग एकवचन है, पर दोनों के रूप में भेद है। इस रूपान्तर का कारण कर्ता कारक का चिह्न ‘ने’ है, जिससे एकवचन होते हुए भी ‘लड़के’ रूप हो गया है। इसी तरह, लड़के को बुलाओ, लड़के से पूछो, लड़के का कमरा, लड़के के लिए चाय लाओ इत्यादि वाक्यों में संज्ञा (लड़का-लड़के) एकवचन में आयी है। इस प्रकार, संज्ञा बिना कारक-चिह्न के भी होती है और कारक चिह्नों के साथ भी। दोनों स्थितियों में संज्ञाएँ एकवचन में अथवा बहुवचन में प्रयुक्त होती है। उदाहरणार्थ-

बिना कारक-चिह्न के- लड़के खाना खाते हैं। (बहुवचन)
लड़कियाँ खाना खाती हैं। (बहुवचन)

कारक-चिह्नों के साथ- लड़कों ने खाना खाया।
लड़कियों ने खाना खाया।
लड़कों से पूछो।
लड़कियों से पूछो।
इस प्रकार, संज्ञा का रूपान्तर लिंग, वचन और कारक के कारण होता है।