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Saubhagya Yojna essay in Hindi सौभाग्य योजना पर निबंध

सौभाग्य योजना पर निबंध – २०० शब्द Saubhagya Yojna essay in Hindi for Class 6/7/8

भारत को आजादी मिलने के इतने वर्षों बाद भी देश के कुछ भाग ऐसे हैं जहाँ बिजली का नामोनिशान तक नहीं है । भारत देश के प्रत्येक घर चाहे वह ग्रामीण अथवा शहरी इलाके में हो, में बिजली पहुँचाने के सपने को लेकर सौभाग्य योजना की शुरुआत की गई। इस योजना का शुभारम्भ सितम्बर २०१७ को माननीय प्रधानमंत्री द्वारा किया गया । ग्रामीण विद्युतीकरण निगम लिमिटेड को इस योजना की नोडल एजेंसी की जिम्मेदारी दी गई है ।

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इस योजना के अतर्गत गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले 3 करोड़ परिवारों को ५ वर्षों के लिए नि:शुल्क बिजली का कनेक्शन दिया जायेगा एवं १ करोड़ लोगों को सस्ते दर पर किश्तों में बिजली का कनेक्शन दिया जायेगा ।

saubhagya yojna essay in hindiइस योजना से घरों में उजाला तो होगा ही साथ ही बिजली की सुविधा होने से ग्रामीण क्षेत्रों में संचार की सुविधा, सार्वजनिक सुरक्षा, स्वास्थ्य सेवा में सुधार, कृषि तकनीकों में सुधर, व्यवसाय में वृद्धि, बच्चों के लिए रौशनी में पढ़ाई की सुविधा, महिलाओं के लिए काम करने की सुविधा जैसे लाभ ही प्राप्त किये जा सकेंगे ।

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बिजली की सुविधा प्रदान करने के साथ-साथ सरकार को इसकी निगरानी भी करनी पड़ेगी। बहुत से लोग ऐसे भी हैं जो नि:शुल्क बिजली की कीमत न पहचान पायें और इसका दुरुपयोग कर इसकी बर्बादी करें। लेकिन यह योजना गरीब वर्ग के लोगों के लिए सर्वांगीण विकास का बहुत अच्छा माध्यम है और आशा की जाती है कि देश इस योजना के जरिये बहुत प्रगति करेगा ।

सौभाग्य योजना पर निबंध – 3०० शब्द Saubhagya Yojna essay in Hindi for Class 9/10

हमारे देश में जहाँ कुछ स्थान बहुत विकसित हैं वहीँ कुछ स्थान ऐसे भी हैं जहाँ आज तक बिजली का कनेक्शन तक नहीं है। कई गाँव तो ऐसे भी हैं जहाँ लोगों को यह ही नहीं पता कि बिजली क्या होती है और लोग मोमबत्ती या लालटेन की रौशनी में अपनी रात गुजारते हैं। ऐसे परिवारों में इसी कम रौशनी में खाना पकता है, बच्चे भी इसी कम रौशनी में पढ़ने को मजबूर हैं और रोजमर्रा के सभी कार्य इसी प्रकार अँधेरे में किये जाते हैं।

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इन्ही सब समस्याओं को ध्यान में रखते हुए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा सौभाग्य योजना को शुरू किया गया । यह योजना पादित दीनदयाल उपाध्याय के जन्म शताब्दी के अवसर पर २५ सितम्बर २०१७ को प्रारंभ की गई । इस योजना का लक्ष्य है कि 4 करोड़ घरों तक बिजली पहुंचाई जाए।

इस योजना का लाभ कोई भी गरीब व्यक्ति अथवा ग्रामीण उठा सकता है। सरकार द्वारा इस योजना का लाभ दूरस्थ क्षेत्रों तक भी पहुँचाया जायेगा । इस योजना का लाभ उठाने के लिए लाभार्थी की पहचान २०११ की जनगणना के अनुसार की जाएगी । जिनकी सामाजित और आर्थिक जनगणना नहीं हुई है उन घरों को भी बिजली का कनेक्शन प्रदान किया जाएगा । १० आसान किश्तों में मात्र ५०० रूपये के भुगतान पर लाभार्थी को बिजली का कनेक्शन मिल जायेगा ।

इस योजना का लाभ पाने के लिए लाभार्थी को आवेदन पत्र पर अपनी फोटो लगानी होगी ।

इस योजना का लागू होने से ग्रामीण क्षेत्रों एवं शहर के लोगों को बहुत लाभ होगा। अँधेरे घरों में रह रहे लोगों की सुरक्षा व्यवस्था में इससे सुधार आएगा । बिजली उपलब्ध होने से महिलाओं को घर का काम करने में सुविधा होगी । बच्चे अब रौशनी में पढ़ सकेंगे । यदि बिजली उपलब्ध होगी तो कई रोज़गार के अवसर भी उपलब्ध होंगे । एक तरह से लोगों के जीवन स्तर में इससे बहुत सुधार आएगा । आशा की जाती है कि इस योजना से अँधेरे में रह रहे लोगों के जीवन में उजाला फैलेगा ।

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सौभाग्य योजना पर निबंध – 5०० शब्द Saubhagya Yojna essay in Hindi for Class 11/12

प्रस्तावना

भारत देश के प्रत्येक घर २४ घंटे बिजली उपलब्ध कराने के उद्देश्य से २५ सितम्बर २०१७ को माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा सौभाग्य योजना शुरू की गई । यह योजना केंद्र और राज्य सरकार की संयुक्त पहल है । इस योजना में देश के ३ करोड़ से अधिक परिवारों को बिजली उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है । इस योजना को पूरा करने के लिए १६,३२० करोड़ रुपये का बजट आबंटित किया गया है ।

योजना से लाभ

इस योजना का लाभ गरीब परिवार उठा सकते हैं । योजना के माध्यम से गरीब परिवारों को नि:शुल्क बिजली का कनेक्शन दिया जायेगा था अन्य परिवारों को ५०० रुपये के भुगतान पर बिजली का कनेक्शन दिया जाएगा । यह ५०० रूपये १० आसान किश्तों में चुकाने की सुविधा भी सरकार द्वारा प्रदान की गई है । बिजली के कनेक्शन के अंतर्गत गरीब परिवारों को केबल ऊर्जा मीटर, एल.ई.डी. बल्ब, तार और एक मोबाइल चार्ज करने के लिए प्वाइंट की भी सुविधा दी जाएगी।

जो क्षेत्र बहुत दुर्गम हैं अथवा बहुत दूर हैं, ऐसे स्थानों तक भी सरकार सौर ऊर्जा के माध्यम से रौशनी पहुँचाने के लिए वचन बद्ध है। इसके लिए सौर ऊर्जा की योजना से वहाँ के घरों के लिए २०० से ३०० वाट के सौर ऊर्जा पैक और ५ एल.ई.डी., बैटरी बेक, १ डी.सी. पंखा, १ डी.सी. पावर प्लग प्रदान किये जायेंगे । इसके साथ-साथ ५ वर्षों तक इनके रख-रखाव और मरम्मत की सुविधा भी प्रदान की जायेगी ।

इस योजना के क्रियान्वयन परिवार के प्रत्येक सदस्य को लाभ ही लाभ होगा । महिलाओं को मोमबत्ती और लालटेन के कम प्रकाश में घर का काम करने से छुट्टी मिलेगी । बच्चे भी अपनी शिक्षा बिजली की रौशनी में सही प्रकार से कर पायेंगे । लालटेन में डालने वाले मिट्टी के तेल से घर के अंदर जो प्रदूषण होता है उससे भी बचा जा सकेगा । अँधेरे के कारण जो व्यक्तिगत सुरक्षा का डर रहता है वह भी दूर होगा। देश के जिन भागों में बिजली की कमी के कारण स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध नहीं है वहाँ भी स्वास्थ्य सेवा का विकास होगा ।

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बिजली उपलब्ध होने से टेलीविजन, रेडियो, इन्टरनेट, मोबाइल आदि का प्रयोग बढ़ेगा जिससे लोगों को देश-दुनिया की खबर के साथ-साथ महत्त्वपूर्ण जानकारी भी प्राप्त हो सकेगी। बहुत से काम अथवा रोजगार जो अँधेरे के कारण रोक दिए जाते हैं वे आराम से किये जा सकेंगे ।

चुनौतियाँ

हर कार्य की भांति इस कार्य में भी चुनौतियाँ हैं । जहाँ लोगों को नि:शुल्क बिजली उपलब्ध होने पर इसके दुरूपयोग का डर और उसे रोकने के लिए कदम उठाने की आवश्यकता है वहीँ इस परियोजना के क्रियान्वयन में ऊर्जा क्षेत्र के अधिकारियों में भी भ्रष्टाचार को कम करने के लिए कठोर कदम उठाने पड़ेंगे, जिससे जरूरतमंदों को इस योजना का पूरा-पूरा लाभ मिल सके ।

उपसंहार

सरकार का मानना है कि जो लोग दूरदराज क्षेत्रों में रहते हैं, आखिर वे भी भारत देश के ही निवासी हैं और जो सुविधाएँ अन्य देशवासियों को मिल रही हैं, वे इन्हें भी मिलनी चाहियें । निश्चित रूप से हर घर बिजली पहुँचने से इन लोगों के भी आर्थिक और साजिक विकास में सीधा प्रभाव पड़ेगा । यदि यह योजना सफल होती है तो कई अँधेरे घरों में उजाला फैलेगा और देश और अधिक तरक्की कर पायेगा।

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