शाम के समय किसी को भी पैसे क्यों नहीं देने चाहिए?

Sham ke samay kisi ko paise udhar nahi dene chahiye?

हिन्दू धर्म में शाम के समय को पूजा व आराधना क लिए बहुत अधिक महत्वपूर्ण माना जाता है। शाम का समय भगवान की आराधना के लिए सबसे शुभ होता है ऐसी मान्यता है। सूर्यास्त के समय से जुड़ी सिर्फ यही एक मान्यता नहीं है। ऐसी अनेक मान्यताएं है जिनका पालन हमारे बड़े बुजूर्गों ने जरूरी माना है या जिनका पालन ना करने पर किसी ना किसी तरह की आर्थिक या शारीरिक हानि होती है, जैसे सूर्यास्त के समय भोजन ना करना, पढ़ाई ना करना, घर की साफ-सफाई ना करना आदि ऐसी ही कुछ मान्यताएं हैं। ऐसी ही एक मान्यता है कि सूर्यास्त के समय किसी को पैसा नहीं देना चाहिए।
हमारे शास्त्रों के अनुसार सूर्यास्त के समय पैसे देने से मां लक्ष्मी रुष्ट हो जाती हैं। सूर्यास्त के समय किसी को पैसा देने से घर में व व्यापार में बरकत नहीं रहती। शाम के समय को वैदिक काल से ही ऐसा समय माना जाता है जिसमें किसी भी तरह का मंत्र जाप पूजन, या दीप प्रज्वलित करने से विशेष फल प्राप्त होता है। चौबीस घंटे के पूरे दिन में सिर्फ सूर्य उदय के पूर्व व सूर्यास्त को ही सबसे अधिक शुभ व फलदायी माना जाता है। इसीलिए इस समय को ध्यान व आराधना के लिए श्रेष्ठ माना गया है।
इस समय किए गए हर कार्य का विशेष महत्व होता है और उसका विशेष फल प्राप्त होता है। इस समय किसी के द्वारा पैसे दिए जाते हैं तो लेने वाले के लिए इसे बहुत अच्छा शगुन माना जाता है, क्योंकि इस समय किसी के द्वारा पैसा दिया जाना व घर में लक्ष्मी आने से घर से दरिद्रता मिटती है।