सिर झुका तूने नीयति की मान ली यह बात स्वयं ही मुरझा गया तेरा में कौनसा अलंकार है?

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सिर झुका तूने नीयति की मान ली यह बात स्वयं ही मुरझा गया तेरा में कौनसा अलंकार है?

सिर झुका तूने नीयति की मान ली यह बात स्वयं ही मुरझा गया तेरा हृदय-जलजात में कौनसा अलंकार है? उदाहरण सहित स्पष्ट कीजिये।

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सिर झुका तूने नीयति की मान ली यह बात स्वयं ही मुरझा गया तेरा हृदय-जलजात में रूपक अलंकार है। इस पंक्ति में यह कहा गया है कि नियति को स्वीकार लेने से नायिका का हृदय रूपी कमल सूख गया है। इसमे हृदय तथा कमल में भिन्नता न होने से उपमेय पर उपमान को आरोपित किया गया है इसलिए रुपक अलंकार है।

इसे इस प्रकार भी कहा जा सकता है कि कमल और हृदय के गुणों में भिन्नता नहीं है इसे ही उपमेय पर उपमान का आरोप कहतें है

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इस उदाहरण में जहां जहां पर उपमेय और उपमान आए हैं, वो हमने विद्यार्थियों की सहायता के लिए नीचे लिख दिये हैं:-

उपमेय- उपमान

हृदय- कमल

जहां किन्हीं दो व्यक्ति या वस्तुओं में इतनी समानता हो कि दोनों में अंतर करना मुश्किल हो जाए वहां रूपक अलंकार होता है।

अथवा जहां उपमेय उपमान का रूप धारण कर ले वहां रूपक अलंकार होता है। रूपक अलंकार अर्थालंकार का एक प्रकार है।

सिर झुका तूने नीयति की मान ली यह बात स्वयं ही मुरझा गया तेरा हृदय-जलजात में रूपक अलंकार से संबन्धित प्रश्न परीक्षा में कई प्रकार से पूछे जाते हैं। जैसे कि – यहाँ पर कौन सा अलंकार है? दी गई पंक्तियों में कौन सा अलंकार है? दिया गया पद्यान्श कौन से अलंकार का उदाहरण है? पद्यांश की पंक्ति में कौन-कौन सा अलंकार है, आदि।

सिर झुका तूने नीयति की मान ली यह बात स्वयं ही मुरझा गया तेरा हृदय-जलजात पंक्तियों में रूपक अलंकार के अलावा और कौन सा अलंकार उपस्थित है?

Important Alankar in Hindi अलंकार के उदाहरण एवं हिन्दी अलंकार पर प्रश्न जो परीक्षा में पूछे जा सकते हैं।

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